मुरैना. ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के गांधीनगर सेवा केंद्र पोरसा में शनिवार को स्नेह मिलन समारोह एवं समर्पण दिवस कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा बीके भाग्यश्री बहन का आजीवन समर्पण, जिसमें उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन परमात्मा की सेवा हेतु अर्पित कर दिया।
समारोह बीके रेखा बहन के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। ब्रह्माकुमारी परंपरा के अनुसार बीके भाग्यश्री बहन ने परमपिता शिव को अपना जीवनसाथी स्वीकार करते हुए प्रतीकात्मक रूप से ‘ईश्वरीय फेरे’ लिए और सात पवित्र संकल्पों के साथ सेवा, ब्रह्मचर्य और राजयोग साधना का व्रत लिया। पूरे परिसर में ओम शांति के मधुर उच्चारण से वातावरण दिव्यता और शांति से ओत-प्रोत हो गया। बीके रेखा बहन ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि समर्पण का अर्थ संसार से पलायन नहीं, बल्कि उच्च आदर्शों के साथ समाज में रहकर सेवा करना है। जब कोई आत्मा अपने जीवन को ईश्वर कार्य में अर्पित करती है, तब उसका जीवन व्यक्तिगत सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के कल्याण का माध्यम बन जाता है। कार्यक्रम का संचालन रामकुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से बीके सुलेखा बहन, मोहन सिंह तोमर (पार्षद), रामनरेश शर्मा पार्षद, सरोज विकास पार्षद, अनवर बाबू पार्षद, आरती मनोज नामदेव पार्षद, उषा डबल्ले श्रीवास पार्षद, करिश्मा जाटव बंटी पार्षद, राजेश वर्मा आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दो भाई की इकलौती बहन है भाग्य श्री
शिव बाबा को अपने आपको समर्पित करने वाली भाग्य श्री (30) दो भाईयों की इकलौती बहन है। दोनों भाई प्राइवेट जॉब करते हैं। माता- पिता मुरैना शहर में रहते हैं। भाग्य श्री पिछले 15 साल से आश्रम से जुडकऱ शिव बाबा की सेवा कर रही थी। अब उसने शिव बाबा से ही शादी कर ली है और आजीवन उनको समॢपत कर दिया है।


