भागवत बोले- संघ का लक्ष्य हिंदू समाज को एकजुट करना:सनातन धर्म को जिंदा करने का समय आ गया, भारत का विश्वगुरु बनना जरूरी

भागवत बोले- संघ का लक्ष्य हिंदू समाज को एकजुट करना:सनातन धर्म को जिंदा करने का समय आ गया, भारत का विश्वगुरु बनना जरूरी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत को एक बार फिर ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी महत्वाकांक्षा नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरत है। हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि अब सनातन धर्म को फिर से जिंदा करने का समय आ गया है। उन्होंने बताया कि करीब 100 साल पहले योगी अरविंद ने कहा था कि सनातन धर्म को फिर से जिंदा करना भगवान की मर्जी है और हिंदू राष्ट्र का उदय सनातन धर्म को फिर से जिंदा करने के लिए है। भागवत ने कहा कि भारत में संघ और विदेशों में हिंदू स्वयंसेवक संघ एक जैसा काम कर रहे हैं और दोनों का लक्ष्य हिंदू समाज को एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि भारत, हिंदू राष्ट्र, सनातन धर्म और हिंदुत्व एक ही विचारधारा के अलग-अलग रूप हैं। यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और अब इसे लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत है। भागवत की स्पीच की 4 प्रमुख बातें… भागवत के पिछले 2 बड़े बयान… 26 दिसंबर- भारत को सुपरपावर ही नहीं, विश्वगुरु भी बनना चाहिए, धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीय विज्ञान सम्मेलन (BVS) में उद्घाटन कार्यक्रम में कहा- भारत का आगे बढ़ना तय है। लेकिन हमें सिर्फ सुपरपावर ही नहीं, बल्कि विश्वगुरु भी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई टकराव नहीं है। बस उनके रास्ते अलग हैं, मंजिल एक ही है। पूरी खबर पढ़ें… 27 जुलाई- दुनिया ताकत की भाषा समझती है, विश्व गुरु भारत कभी भी युद्ध का कारण नहीं बनेगा RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें फिर से सोने की चिड़िया नहीं बनना है, बल्कि हमको शेर बनना है। दुनिया शक्ति की ही बात समझती है और शक्ति संपन्न भारत होना चाहिए। हमेशा ‘भारत’ ही कहना चाहिए, न कि इसका अनुवाद करना चाहिए। विकसित, विश्व गुरु भारत कभी भी युद्ध का कारण नहीं बनेगा। पूरी खबर पढ़ें… —————————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- सस्ती शिक्षा और इलाज हर व्यक्ति की जरूरत, इनकी पहुंच आसान होनी चाहिए महाराष्ट्र के चंद्रपुर में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 22 दिसंबर को कहा कि सस्ती पढ़ाई और इलाज हर व्यक्ति की मूल जरूरत है और हर इंसान को ये सुविधाएं उसके पास में ही मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं की समाज के आखिरी व्यक्ति तक आसानी से पहुंच होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

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