इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जलकांड में अपने परिजनों को खो चुके 22 परिवार शनिवार को अस्थियां लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। कांग्रेस सेवादल की ओर से यात्रा और धार्मिक कार्यक्रम का पूरा खर्च उठाया जा रहा है। शनिवार सुबह मामाजी की धर्मशाला से भागीरथपुरा चौराहे तक ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों को विदाई दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे मौजूद रहे। प्रयागराज में होंगे अस्थि विसर्जन और पिंडदान सेवादल के शहर अध्यक्ष मुकेश यादव ने बताया कि प्रयागराज पहुंचने के बाद सनातन परंपरा के अनुसार विद्वान पंडितों द्वारा अस्थि विसर्जन, पिंडदान, तर्पण और दान की विधियां कराई जाएंगी। गंगा तट पर ये धार्मिक संस्कार बनारस के पंडितों द्वारा संपन्न कराए जाएंगे। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस सचिव सत्यनारायण पटेल, प्रयागराज के सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी मौजूद रहेंगे। वार्ड प्रमुख रानू मलोरिया के साथ 10 कांग्रेसी कार्यकर्ता व्यवस्थाएं संभालने के लिए पहले ही प्रयागराज पहुंच चुके हैं। दूषित पानी से 36 लोगों की हुई थी मौत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा बस्ती मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र में आती है। नगर निगम की लापरवाही के कारण बस्ती में दूषित पानी की सप्लाई हुई, जिससे डायरिया फैला और 36 लोगों की मौत हो गई। मुआवजे को लेकर उठाए सवाल पटवारी ने कहा कि नगर निगम अपने कर्मचारियों की मौत पर 30 लाख रुपए से अधिक मुआवजा देता है, जबकि भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के परिजनों को केवल दो-दो लाख रुपए दिए गए। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताया। कई परिवार पहले ही कर चुके अस्थि विसर्जन भागीरथपुरा जलकांड में जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से कुछ परिवार पहले ही अपने परिजनों की अस्थियां नर्मदा नदी में विसर्जित कर चुके हैं, जबकि शेष 22 परिवार अब प्रयागराज जाकर धार्मिक संस्कार करेंगे।


