भागलपुर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले में ऑनलाइन केस रजिस्ट्रेशन प्रणाली को सशक्त रूप से लागू करने के उद्देश्य से समीक्षा भवन के सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी डीएसपी, विभिन्न अनुमंडलों के थाना अध्यक्ष और कई थानों के पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के सभी थानों में ऑनलाइन केस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक समान और सुचारु रूप से लागू हो। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से केस दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। अधिकारियों को बताया गया कि ऑनलाइन एफआईआर कैसे दर्ज की जाएगी, आवश्यक दस्तावेज और जानकारी कैसे अपलोड करनी है, और तकनीकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डेटा सुरक्षा और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रशिक्षण सत्र में लाइव डेमो के जरिए पोर्टल के विभिन्न फीचर्स की जानकारी दी गई, जिससे अधिकारियों को व्यावहारिक समझ मिल सके। उपस्थित अधिकारियों ने अपनी शंकाएं भी रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। इस अवसर पर भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार ने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी, मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और आम नागरिकों को न्याय प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल प्रणाली से समय की बचत होगी और रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक व्यवस्थित होगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आम जनता को थाने के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ बनेगी, जिससे जिले में डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा। भागलपुर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिले में ऑनलाइन केस रजिस्ट्रेशन प्रणाली को सशक्त रूप से लागू करने के उद्देश्य से समीक्षा भवन के सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के सभी डीएसपी, विभिन्न अनुमंडलों के थाना अध्यक्ष और कई थानों के पुलिस अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के सभी थानों में ऑनलाइन केस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक समान और सुचारु रूप से लागू हो। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से केस दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई। अधिकारियों को बताया गया कि ऑनलाइन एफआईआर कैसे दर्ज की जाएगी, आवश्यक दस्तावेज और जानकारी कैसे अपलोड करनी है, और तकनीकी समस्याओं का समाधान कैसे किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, डेटा सुरक्षा और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रशिक्षण सत्र में लाइव डेमो के जरिए पोर्टल के विभिन्न फीचर्स की जानकारी दी गई, जिससे अधिकारियों को व्यावहारिक समझ मिल सके। उपस्थित अधिकारियों ने अपनी शंकाएं भी रखीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। इस अवसर पर भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार ने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी, मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और आम नागरिकों को न्याय प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल प्रणाली से समय की बचत होगी और रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक व्यवस्थित होगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आम जनता को थाने के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुलभ बनेगी, जिससे जिले में डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा मिलेगा।


