बल्लभगढ़ में सर्वोत्तम माता पुरस्कार कार्यक्रम:महिलाओं को दी बच्चों के बेहतर पालन-पोषण की जानकारी, स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

बल्लभगढ़ में सर्वोत्तम माता पुरस्कार कार्यक्रम:महिलाओं को दी बच्चों के बेहतर पालन-पोषण की जानकारी, स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

फ़रीदाबाद जिले में बल्लभगढ़ के सोहन नगर स्थित आंगनबाड़ी प्ले स्कूल केंद्र में रविवार सुबह महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत ‘सर्वोत्तम माता पुरस्कार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं को बच्चों के बेहतर पालन-पोषण, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं ने भाग लिया और अपने बच्चों की देखभाल से जुड़ी जानकारी साझा की। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी मंजू श्योराण ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था से लेकर बच्चे के 5 वर्ष की आयु तक उसकी सही तरीके से देखभाल कराना। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और आंगनबाड़ी केंद्र इन योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। बच्चों की सही देखभाल करने वाली माताओं को मिलता है पुरस्कार उन्होंने बताया कि सर्वोत्तम माता पुरस्कार कार्यक्रम के तहत उन माताओं का चयन किया जाता है जो अपने बच्चों की देखभाल अच्छे तरीके से करती हैं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा टीकाकरण का विशेष ध्यान रखती हैं। कार्यक्रम के दौरान माताओं से पूछा जाता है कि वे अपने बच्चों का किस प्रकार ध्यान रखती हैं, उनके स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के लिए क्या-क्या प्रयास करती हैं और बच्चों की प्राथमिक जरूरतों को कैसे पूरा करती हैं। मंजू श्योराण ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन पहले सर्कल स्तर पर किया जाता है। सर्कल स्तर पर जो माताएं प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करती हैं, उन्हें ब्लॉक स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर भी उन्हें सम्मानित किया जाता है। इस कार्यक्रम में चयनित माताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। टीकाकरण, पोषण स्तर को बेहतर बनाने की दी जानकारी इस दौरान माताओं को बच्चों के समय-समय पर लगने वाले टीकाकरण, पोषण स्तर को बेहतर बनाने और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से अधिक से अधिक जुड़ना चाहिए, क्योंकि सरकार यहां गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसके शुरुआती वर्षों तक कई सुविधाएं प्रदान करती है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को बच्चों की देखभाल और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के बारे में भी जानकारी मिलती है। मंजू श्योराण ने बताया कि सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को काफी विकसित किया है और यहां बच्चों को हेल्दी डाइट के रूप में मूंगफली, भुना चना, पौष्टिक पंजीरी सहित अन्य पौष्टिक आहार दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, क्योंकि सरकार माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दे रही है।

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