West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है। बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनावी हवा अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक दलों की तरफ से पूरी ताकत झोंक दी गई है। इस बीच भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर खास रणनीति तैयार की है। इसके तहत बीजेपी पहले चरण के मतदान से पहले 500 से अधिक रैलियां करेगी।
बंगाल में 11 रैलियों को संबोधित करेंगे PM मोदी
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले बीजेपी ताबड़तोड़ रैलियां करेगी। इन रैलियों में पार्टी से शीर्ष नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी बंगाल में 11 सभाओं को संबोधित करेंगे। इसी तरह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सभाओं को संबोधित करेंगे।
मोदी-शाह के अलावा ये नेता करेंगे रैली
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 10 रैलियां करेंगे। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 6, नितिन गडकरी 2 और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 सभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा स्मृति ईरानी 13 सभाओं का संचालन करेंगी। वहीं, त्रिपुरा के CM माणिक साहा 9, असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा 8 और कंगना रनौत 7 सभाओं में हिस्सा लेंगी। बंगाल में होने वाली सभाओं की लिस्ट में JP नड्डा, मोहन चरण माझी, रेखा गुप्ता, बाबुल लाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और हेमा मालिनी का भी नाम शामिल है।
बंगाल के BJP नेता भी कर रहे लगातार रैलियां
बंगाल के स्थानीय BJP नेता भी लगातार रैलियां कर रहे हैं। बंगाल BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने कुल 24 सभाएं की गई हैं। भट्टाचार्य के बाद मिथुन चक्रवर्ती और BJP सांसद शुभेंदु ने पहले चरण के लिए 23-23 सभाएं की हैं। सभाओं के साथ-साथ, बंगाली नव वर्ष या पोइला बैसाख के दिन, 15 अप्रैल से, BJP प्रतिदिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगी। इस दौरान BJP अपने घोषणा पत्र के हर बिंदुओं की व्याख्या करेंगे।
PM मोदी ने शनिवार को की जनसभा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान के कटवा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरन PM मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार मेरी चुनावी रैलियों में आम लोगों की भीड़ और जन उत्साह का ऐसा नजारा पहले कभी मेरे गृह राज्य गुजरात में भी नहीं देखा गया था। PM ने कहा- गुजरात में भी मैं चाहकर भी दोपहर 12 बजे इस तरह की रैली आयोजित नहीं कर सकता था। आप लोग यहां हर बार शानदार सभाएं आयोजित करते हैं, मैं इससे प्रभावित हूं। यहां से यह स्पष्ट है कि 4 मई के बाद इस राज्य में बदलाव आने वाला है। इस तरह की उत्साहपूर्ण सभाएं 4 मई को होने वाले घटनाक्रम का संकेत हैं।


