West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में पिछले एक दशक में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पास महज तीन सीटें थीं, लेकिन 2021 के चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की।
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। 14 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बड़ी रैली होने वाली है। इसी के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी का शंखनाद हो जाएगा। इस चुनाव में बीजेपी किसी भी कीमत पर जीत दर्ज करना चाहती है, क्योंकि ममता बनर्जी के किले को अब तक पार्टी भेद नहीं पाई है।
एक दशक में बढ़ा बीजेपी का जनाधार
पश्चिम बंगाल में पिछले एक दशक में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है। 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के पास महज तीन सीटें थीं, लेकिन 2021 के चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव 2019 में 18 सीटें जीती थीं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को महज 12 सीटें ही मिलीं।
हालांकि इस पर पार्टी नेताओं का कहना है कि भले ही हमारी सीटें कम हुई हों, लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा है। नेताओं का मानना है कि TMC संगठित नेटवर्क की तरह काम करती है और प्रदेश में मुकाबला राजनीतिक दल से नहीं बल्कि पूरे सिस्टम से भी होता है।
SIR को लेकर गरमाया माहौल
विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में SIR को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। इसको लेकर सीएम ममता बनर्जी ने लगातार चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
ममता के ‘M’ फैक्टर का तोड़ निकाल रही बीजेपी
वहीं सीएम ममता बनर्जी के ‘M’ फैक्टर का बीजेपी तोड़ निकाल रही है। यहां पर M का मतलब ‘महिला’ और ‘मुसलमान’ है। दरअसल, बिहार और महाराष्ट्र में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से एनडीए को जीत मिली थी। पार्टी नेताओं को भरोसा है कि बंगाल में भी बीजेपी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान करेगी।
वहीं प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम वोट बैंक भी निर्णायक भूमिका निभाता है। माना जाता है कि मुस्लिम वोट बैंक की वजह से ही लगातार ममता बनर्जी सत्ता पर काबिज है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि मुस्लिम क्षेत्रों वाली सीटों पर थोड़ा भी पैटर्न बदल जाता है तो चुनाव परिणाम पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
क्या है चुनौती?
बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाना है। इसके अलावा ममता बनर्जी की नकद सहायता योजनाओं को चुनौती देना भी है। बीजेपी का मानना है कि प्रदेश में अभी भी कई सीटें ऐसी हैं जो उसके लिए कठिन हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि प्रदेश की 35 सीटें ऐसी हैं जिन पर मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है। इन सीटों पर TMC को समर्थन मिलता है। हालांकि इन इलाकों के बाहर बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा है। नेताओं का कहना है कि पार्टी को उसे और आगे बढ़ाने की कोशिश है।


