नेपाल चुनाव से पहले भारत-नेपाल बॉर्डर होगी सील:बीरगंज के सेफ्टी मीटिंग में पहुंचे पूर्वी चंपारण DM, तस्करी और प्रदूषण पर चर्चा

नेपाल चुनाव से पहले भारत-नेपाल बॉर्डर होगी सील:बीरगंज के सेफ्टी मीटिंग में पहुंचे पूर्वी चंपारण DM, तस्करी और प्रदूषण पर चर्चा

नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में सीमावर्ती शहर बीरगंज में दोनों देशों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थ तस्करी, नदी प्रदूषण और अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया बैठक में पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के जिलाधिकारी और मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात शामिल हुए। नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने चुनाव के मद्देनजर सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया। बैठक में चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नेपाल में मतदान से तीन दिन पहले भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील करना रहा। यह कदम अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए उठाया जाएगा। तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का था दूसरा मुद्दा दूसरा मुद्दा मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का था। मोतिहारी पुलिस ने हाल ही में कई ऐसे तस्करों को पकड़ा है, जिनके तार नेपाल से जुड़े हैं। इसे देखते हुए दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया। तीसरा महत्वपूर्ण बिंदु नेपाल से आने वाली सीरीसवा नदी का प्रदूषण रहा। अधिकारियों ने बताया कि कभी जीवनदायिनी रही यह नदी अब नेपाल स्थित कई फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे अपशिष्ट जल के कारण प्रदूषित हो चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित उद्योगों पर निगरानी और अपशिष्ट प्रवाह को रोकने के उपायों पर विचार किया गया। सीमा क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का था अंतिम मुद्दा चौथा और अंतिम मुद्दा सीमा क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का था। दोनों देशों के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इसे अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि चुनाव के दौरान सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आपसी समन्वय के माध्यम से हर चुनौती का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में सीमावर्ती शहर बीरगंज में दोनों देशों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थ तस्करी, नदी प्रदूषण और अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया बैठक में पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल, पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के जिलाधिकारी और मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात शामिल हुए। नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक व सुरक्षा अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने चुनाव के मद्देनजर सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया। बैठक में चार प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नेपाल में मतदान से तीन दिन पहले भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील करना रहा। यह कदम अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए उठाया जाएगा। तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का था दूसरा मुद्दा दूसरा मुद्दा मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का था। मोतिहारी पुलिस ने हाल ही में कई ऐसे तस्करों को पकड़ा है, जिनके तार नेपाल से जुड़े हैं। इसे देखते हुए दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया। तीसरा महत्वपूर्ण बिंदु नेपाल से आने वाली सीरीसवा नदी का प्रदूषण रहा। अधिकारियों ने बताया कि कभी जीवनदायिनी रही यह नदी अब नेपाल स्थित कई फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे अपशिष्ट जल के कारण प्रदूषित हो चुकी है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित उद्योगों पर निगरानी और अपशिष्ट प्रवाह को रोकने के उपायों पर विचार किया गया। सीमा क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का था अंतिम मुद्दा चौथा और अंतिम मुद्दा सीमा क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण का था। दोनों देशों के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार बढ़ रहा अतिक्रमण सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। इसे अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि चुनाव के दौरान सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और आपसी समन्वय के माध्यम से हर चुनौती का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।  

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