किशनगंज की जीवनरेखा रमजान नदी के सौंदर्यीकरण (ब्यूटीफिकेशन) और संरक्षण का कार्य अब गति पकड़ चुका है। नगर परिषद क्षेत्र के बीच से बहने वाली इस नदी को उसके प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के लिए बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्तारण विभाग द्वारा लगभग 9 करोड़ 87 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। इस परियोजना के तहत ढेकसरा पुल से मझिया पुल तक लगभग 9.5 किलोमीटर की लंबाई में नदी की गाद उड़ाही, चैनलाइजेशन और सर्विस रोड का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। 6 फुट चौड़ी फेबर ब्लॉक सर्विस रोड का निर्माण परियोजना में नदी के एक किनारे 6 फुट चौड़ी फेबर ब्लॉक सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह मार्ग सुबह-शाम पैदल चलने, साइकिल चलाने और मोटरसाइकिल के लिए उपयोगी होगा। इससे शहर में यातायात जाम से राहत मिलने के साथ नदी का प्राकृतिक बहाव भी बहाल होगा। योजना में छठ घाट, फुटपाथ और अन्य नागरिक सुविधाएं भी शामिल हैं। हाल ही में, जिलाधिकारी विशाल राज ने खगड़ा क्षेत्र में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित दौरे से पहले सभी कार्यों को तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज इस बीच, नदी किनारे बसे रोल बाग, डुमरिया, चूड़ी पट्टी और धोबी पट्टी जैसे इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज हो गया है। नदी की सीमा में आने वाले भवनों को चिन्हित किया जा रहा है और नापी का कार्य भी शुरू हो चुका है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर बने सभी अतिक्रमणों को नोटिस जारी कर हटाया जाएगा। प्रभावितों को नोटिस के बाद निर्माण हटाने के लिए उचित समय दिया जाएगा, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। घर टूटने की आशंका को लेकर चिंता स्थानीय निवासियों में अपने घर टूटने की आशंका को लेकर चिंता है। कई प्रभावित परिवार उचित मुआवजे या पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। सांसद और स्थानीय नेताओं ने भी रमजान नदी को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है, ताकि नदी अपनी पुरानी पहचान वापस पा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक घोषणा के बाद बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किशनगंज की जीवनरेखा रमजान नदी के सौंदर्यीकरण (ब्यूटीफिकेशन) और संरक्षण का कार्य अब गति पकड़ चुका है। नगर परिषद क्षेत्र के बीच से बहने वाली इस नदी को उसके प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के लिए बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्तारण विभाग द्वारा लगभग 9 करोड़ 87 लाख रुपये की महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। इस परियोजना के तहत ढेकसरा पुल से मझिया पुल तक लगभग 9.5 किलोमीटर की लंबाई में नदी की गाद उड़ाही, चैनलाइजेशन और सर्विस रोड का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। 6 फुट चौड़ी फेबर ब्लॉक सर्विस रोड का निर्माण परियोजना में नदी के एक किनारे 6 फुट चौड़ी फेबर ब्लॉक सर्विस रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह मार्ग सुबह-शाम पैदल चलने, साइकिल चलाने और मोटरसाइकिल के लिए उपयोगी होगा। इससे शहर में यातायात जाम से राहत मिलने के साथ नदी का प्राकृतिक बहाव भी बहाल होगा। योजना में छठ घाट, फुटपाथ और अन्य नागरिक सुविधाएं भी शामिल हैं। हाल ही में, जिलाधिकारी विशाल राज ने खगड़ा क्षेत्र में चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित दौरे से पहले सभी कार्यों को तेज करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज इस बीच, नदी किनारे बसे रोल बाग, डुमरिया, चूड़ी पट्टी और धोबी पट्टी जैसे इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज हो गया है। नदी की सीमा में आने वाले भवनों को चिन्हित किया जा रहा है और नापी का कार्य भी शुरू हो चुका है। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि सरकारी जमीन पर बने सभी अतिक्रमणों को नोटिस जारी कर हटाया जाएगा। प्रभावितों को नोटिस के बाद निर्माण हटाने के लिए उचित समय दिया जाएगा, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। घर टूटने की आशंका को लेकर चिंता स्थानीय निवासियों में अपने घर टूटने की आशंका को लेकर चिंता है। कई प्रभावित परिवार उचित मुआवजे या पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। सांसद और स्थानीय नेताओं ने भी रमजान नदी को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है, ताकि नदी अपनी पुरानी पहचान वापस पा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि औपचारिक घोषणा के बाद बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।


