धनबाद के पुटकी कोलियरी में कार्यरत बीसीसीएल कर्मी अर्जुन कोड़ा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। घटना के तीसरे दिन भी परिजन शव के साथ पीबी एरिया कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। वे मृतक के आश्रित को तत्काल नियोजन, मामले की उच्चस्तरीय जांच और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। धरना स्थल पर स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का लगातार समर्थन मिल रहा है। देर रात डुमरी विधायक जयराम महतो भी वहां पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने परिजनों की मौजूदगी में बीसीसीएल के सीएमडी से फोन पर बात कर मामले का शीघ्र समाधान और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इस अवसर पर जयराम महतो ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक आदिवासी कर्मी की संदिग्ध मौत के बाद भी परिवार को अपने हक के लिए तीन दिनों तक शव के साथ धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मृतक की पत्नी के अनुसार, अर्जुन कोड़ा सुबह आठ बजे ड्यूटी पर गए थे और आमतौर पर शाम साढ़े चार बजे तक लौट आते थे। घटना वाले दिन देर शाम कार्यालय से फोन आया कि उन्होंने ड्यूटी के बाद आउट नहीं किया है। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाने की सूचना मिली। परिजन उन्हें धनबाद सेंट्रल हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने बताया कि पिछले तीन दिनों से वे न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं, लेकिन अब तक उनकी कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है।


