ईरान-इजराइल युद्ध से बासमती चावल एक्सपोर्ट अटका:फाजिल्का से भेजा लाखों टन चावल फंसा, शिपिंग एजेंसियां $2000 डालर प्रति कंटेनर मांग रहीं

ईरान-इजराइल युद्ध से बासमती चावल एक्सपोर्ट अटका:फाजिल्का से भेजा लाखों टन चावल फंसा, शिपिंग एजेंसियां 00 डालर प्रति कंटेनर मांग रहीं

खाड़ी देशों में हो रहे युद्ध के चलते इसका सीधा असर अब पंजाब के बासमती राइस एक्सपोर्टर पर पड़ा है। फाजिल्का जिले के जलालाबाद की बात करें तो यहां से एक्सपोर्ट किया गया लाखों टन बासमती चावल रास्ते में अटक गया है। मिलर्स का कहना है कि युद्ध के हालातों को देखते हुए शिपिंग के नाम पर अब शिपिंग एजेंसियां उनसे 2000 डॉलर प्रति कंटेनर की मांग रही हैं। जिसे वह अदा करने में असमर्थ हैं। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से दखल देने की मांग करते हुए समस्या के समाधान की मांग की है। जलालाबाद से राइस एक्सपोर्टर कपिल देव गुंबर ने बताया कि फाजिल्का जिले में किसान बासमती चावल की खेती करते हैं। 1121 किस्म का बासमती चावल खाड़ी देशों में पसंद किया जाता है। वह पिछले 15 वर्षों से बासमती चावल एक्सपोर्ट का काम कर रहे हैं। लाखों टन चावल भारत से खाड़ी देशों को भेजा जा रहा है। युद्ध के चलते रास्ते में फंसा चावल उन्होंने बताया अब भी उनके द्वारा लाखों टन बासमती चावल दुबई, ईरान सहित गल्फ कंट्रियो में भेजा गया है, जो ईरान- इजराइल युद्ध के चलते रास्ते में फंस गया है। उन्होंने बताया कि उनके करीब 150 कंटेनर है जिसमें से कुछ शिप, समुंदर, बंदरगाह या फिर ट्रकों में है वो वहीं रुक गया है। सारा माल रास्ते में फंस गया है। हालांकि पहले से ही तय भाड़े के अनुसार उनके द्वारा चावल एक्सपोर्ट किया जा रहा है। अब हालात ये हो गए हैं कि युद्ध के चलते रास्ते में फंसे चावल के लिए उनसे शिपिंग एजेंसियों द्वारा वार चार्जेस के नाम पर 2000 डॉलर प्रति कंटेनर मांगा जा रहा है। जिससे चावल का भाव 800 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ जाएगा, लेकिन उन्हें इतना मार्जन नहीं है। एक-दो रुपए प्रति किलो का मार्जन : गुंबर वह एक- दो रुपए प्रति किलो मार्जन पर काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग करते हुए समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो राइस मिलर्स को भारी नुकसान होगा। जिसका सीधा असर पंजाब की किसानी पर भी पड़ेगा।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *