न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए बरुआ घाट बना पसंदीदा स्पॉट:दामोदर तट पर्यटकों को कर रहा आकर्षित, बहती नदी व हरियाली आकर्षण का केंद्र

न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए बरुआ घाट बना पसंदीदा स्पॉट:दामोदर तट पर्यटकों को कर रहा आकर्षित, बहती नदी व हरियाली आकर्षण का केंद्र

नए साल के स्वागत की तैयारियों के बीच बोकारो और आसपास के पिकनिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। छुट्टियों का लुत्फ उठाने के लिए परिवार, युवा और पर्यटक सुबह से ही झीलों, पार्कों, पहाड़ियों और जलप्रपातों की ओर रुख कर रहे हैं। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए लोगों की पसंदीदा पिकनिक स्पॉट्स में से एक है बरुआ घाट। बोकारो स्टील सिटी और चंद्रपुरा के बीच स्थित बरुआ घाट इन दिनों एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल के रूप में उभरा है। सेक्टर-9 से लगभग चार किलोमीटर दूर पचौरी गांव और रानी पोखर बस्ती के पास दामोदर नदी के किनारे बसा यह घाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। यहां झारखंड, बिहार और बंगाल से भी काफी लोग आते हैं। पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ती है यहां यह स्थल शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिताने के लिए आदर्श माना जाता है। चौड़ा नदी तट, बहती दामोदर नदी, चारों ओर हरियाली और खुला आसमान इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। विशेषकर सर्दियों और नए साल के अवसर पर यहां पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह और शाम के समय घाट का नजारा मनमोहक होता है, जबकि सूर्यास्त के समय नदी पर पड़ती सूर्य की लालिमा इसकी सुंदरता बढ़ा देती है। यहां डैम और नदी दोनों का आनंद मिलता है पिकनिक मनाने आए लोगों का कहना है कि यहां का प्राकृतिक माहौल मन को शांति प्रदान करता है। यहां पिकनिक मनाने पहली बार आईं जूही शर्मा और बरखा ने बताया कि परिवार और दोस्तों के साथ प्राकृतिक परिवेश में समय बिताना एक यादगार अनुभव है। चंदनक्यारी से आईं शीला झा ने इसे “मुफ्त प्राकृतिक वाटर पार्क” बताते हुए कहा कि यहां डैम और नदी दोनों का आनंद मिलता है। रांची की भवानी झा ने इसे मायके से जुड़ी यादों के कारण खास बताया। चेतावनी बोर्ड या प्रशासनिक निगरानी नहीं हालांकि, बरुआ घाट की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद यहां सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। डीवीसी प्लांट के कार्यों के लिए बनाए गए इस घाट पर वर्तमान में कोई सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड या प्रशासनिक निगरानी नहीं है। घाट से ऊंचाई पर गिरता पानी आकर्षक है, लेकिन इसमें स्नान करना जोखिम भरा हो सकता है। पूर्व में यहां दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्थानीय लोग और समाजसेवी प्रशासन से सुरक्षा, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इन कमियों को दूर किया जाए, तो बरुआ घाट भविष्य में बोकारो क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन सकता है। बड़े पिकनिक स्पॉट पर न गोताखोर न पर पुलिस इधर, नगर के सिटी पार्क, कूलिंग पौंड, गरगा डैम, बरुआ घाट सहित दामोदर नदी के किनारे कई क्षेत्रों में लोग पुराने और नए साल पर पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। इनमें युवा सहित सभी लोग काफी उत्साहित रहते हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। ना ही पुलिस की मौजूदगी और ना ही गोताखोरों की उपस्थिति। जबकि नए साल के आगमन को लेकर जिले के सभी पिकनिक स्थलों पर भीड़ जुटती है। नए साल के स्वागत की तैयारियों के बीच बोकारो और आसपास के पिकनिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। छुट्टियों का लुत्फ उठाने के लिए परिवार, युवा और पर्यटक सुबह से ही झीलों, पार्कों, पहाड़ियों और जलप्रपातों की ओर रुख कर रहे हैं। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए लोगों की पसंदीदा पिकनिक स्पॉट्स में से एक है बरुआ घाट। बोकारो स्टील सिटी और चंद्रपुरा के बीच स्थित बरुआ घाट इन दिनों एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल के रूप में उभरा है। सेक्टर-9 से लगभग चार किलोमीटर दूर पचौरी गांव और रानी पोखर बस्ती के पास दामोदर नदी के किनारे बसा यह घाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। यहां झारखंड, बिहार और बंगाल से भी काफी लोग आते हैं। पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ती है यहां यह स्थल शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिताने के लिए आदर्श माना जाता है। चौड़ा नदी तट, बहती दामोदर नदी, चारों ओर हरियाली और खुला आसमान इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। विशेषकर सर्दियों और नए साल के अवसर पर यहां पिकनिक मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह और शाम के समय घाट का नजारा मनमोहक होता है, जबकि सूर्यास्त के समय नदी पर पड़ती सूर्य की लालिमा इसकी सुंदरता बढ़ा देती है। यहां डैम और नदी दोनों का आनंद मिलता है पिकनिक मनाने आए लोगों का कहना है कि यहां का प्राकृतिक माहौल मन को शांति प्रदान करता है। यहां पिकनिक मनाने पहली बार आईं जूही शर्मा और बरखा ने बताया कि परिवार और दोस्तों के साथ प्राकृतिक परिवेश में समय बिताना एक यादगार अनुभव है। चंदनक्यारी से आईं शीला झा ने इसे “मुफ्त प्राकृतिक वाटर पार्क” बताते हुए कहा कि यहां डैम और नदी दोनों का आनंद मिलता है। रांची की भवानी झा ने इसे मायके से जुड़ी यादों के कारण खास बताया। चेतावनी बोर्ड या प्रशासनिक निगरानी नहीं हालांकि, बरुआ घाट की बढ़ती लोकप्रियता के बावजूद यहां सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। डीवीसी प्लांट के कार्यों के लिए बनाए गए इस घाट पर वर्तमान में कोई सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी बोर्ड या प्रशासनिक निगरानी नहीं है। घाट से ऊंचाई पर गिरता पानी आकर्षक है, लेकिन इसमें स्नान करना जोखिम भरा हो सकता है। पूर्व में यहां दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। स्थानीय लोग और समाजसेवी प्रशासन से सुरक्षा, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इन कमियों को दूर किया जाए, तो बरुआ घाट भविष्य में बोकारो क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन सकता है। बड़े पिकनिक स्पॉट पर न गोताखोर न पर पुलिस इधर, नगर के सिटी पार्क, कूलिंग पौंड, गरगा डैम, बरुआ घाट सहित दामोदर नदी के किनारे कई क्षेत्रों में लोग पुराने और नए साल पर पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। इनमें युवा सहित सभी लोग काफी उत्साहित रहते हैं। इन स्थानों पर सुरक्षा के कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। ना ही पुलिस की मौजूदगी और ना ही गोताखोरों की उपस्थिति। जबकि नए साल के आगमन को लेकर जिले के सभी पिकनिक स्थलों पर भीड़ जुटती है।  

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