बरेली बार एसोसिएशन के चुनावों के बाद अब कमिश्नरी बार एसोसिएशन के वर्ष 2026 के वार्षिक चुनाव के परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। एल्डर कमेटी की देखरेख में संपन्न हुए इन चुनावों में सीमा दीक्षित को सर्वसम्मति से निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। सचिव पद के लिए हुए कड़े मुकाबले में सुधीर सक्सेना ने जीत दर्ज की है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक रहेगा। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ चुनाव
एल्डर कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट सुबोध जौहरी ने बताया कि संविधान के अनुसार चुनाव की पूरी प्रक्रिया एल्डर कमेटी के सदस्य और चुनाव अधिकारी अरविंद भटनागर की देखरेख में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि पूर्व चेयरमैन पीसी सहगल के निधन के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली है। इस बार अधिकांश पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ, जबकि सचिव पद के लिए मतदान कराया गया। सचिव पद के चुनाव में सुधीर सक्सेना को 16 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी राजेंद्र पाल सिंह को 12 वोटों से संतोष करना पड़ा। चार वोटों के अंतर से सुधीर सक्सेना को विजयी घोषित किया गया। कार्यकारिणी के अन्य पदों पर भी नामों की घोषणा कर दी गई है। उपाध्यक्ष पद पर मोनेन्द्र सिंह निर्विरोध चुने गए हैं। संयुक्त सचिव के दो पदों पर नीलम शर्मा और रामकिशन मिश्रा ने जीत हासिल की है, जबकि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुबीर रस्तोगी को सौंपी गई है। कमिश्नरी बार का इतिहास बहुत पुराना
चेयरमैन सुबोध जौहरी ने बताया कि कमिश्नरी बार का इतिहास बहुत पुराना है और मंडल की 18 तहसीलों के वकील इससे जुड़े हुए हैं। हालांकि यहां बैठने वाले वकीलों की संख्या कम दिखती है, लेकिन इनका प्रभाव पूरी कमिश्नरी की तहसीलों तक है। निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं सीमा दीक्षित ने गिनाई प्राथमिकताएं
निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं सीमा दीक्षित ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य बार और बेंच के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। उनका ध्येय है कि अधिक से अधिक कार्य दिवसों में काम हो ताकि दूर-दराज की तहसीलों और गांवों से आने वाले वादकारियों को समय पर न्याय मिल सके और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें। अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध
नवनिर्वाचित सचिव सुधीर सक्सेना ने कहा कि वे अधिवक्ताओं की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बार और बेंच के मधुर संबंध और वादकारियों का हित उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। एल्डर कमेटी के चेयरमैन ने भी साझा किया कि अपील की अदालत होने के कारण दूर-दराज से आने वाले लोगों की जिम्मेदारी बार एसोसिएशन पर होती है, जिसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया जाएगा।


