बरौनी रिफाइनरी ने अफवाहों से बचने की अपील की:घरेलू ग्राहकों को मिलेगी प्राथमिकता, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा नहीं होगी प्रभावित

बरौनी रिफाइनरी ने अफवाहों से बचने की अपील की:घरेलू ग्राहकों को मिलेगी प्राथमिकता, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा नहीं होगी प्रभावित

ग्लोबल लेवल पर जारी जीयो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आ रही है। इसका सीधा असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने बड़ा फैसला लिया है। अब घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं और अस्पतालों जैसे अनिवार्य संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। इंडियन ऑयल (IOCL) की ओर से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक मौजूदा ग्लोबल कंडिशन ने एलपीजी की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल से देश में स्टॉक की कमी नहीं हो, इसके लिए राशनिंग और प्राथमिकता की नीति अपनाई जा रही है। रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य नई गाइडलाइंस के अनुसार, तेल कंपनियों ने अपनी प्राथमिकता तय कर दी है। आम जनता के घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य रखा गया है। अनिवार्य गैर-घरेलू क्षेत्र अस्पताल, नर्सिंग होम और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं प्रभावित नहीं हो। अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों होटल, रेस्तरां, कारखाने आदि के लिए गैस की सप्लाई अब इतनी आसान नहीं होगी। तेल कंपनियों ने हाई लेवल कमेटी का किया गठन तेल कंपनियों ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें तीन कार्यकारी निदेशक (Executive Directors) इंडियन ऑयल से के. शैलेंद्र, भारत पेट्रोलियम से टी.वी. पांडियन एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम से ध्रुव कपिल को शामिल किया गया है। यदि किसी अन्य क्षेत्र को गैस की तत्काल आवश्यकता है, तो उन्हें इन अधिकारियों को सीधे ई-मेल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
यह कमेटी मेरिट और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर ही आपूर्ति का फैसला करेगी। राहत की बात यह है कि सरकार का पूरा जोर घरेलू बजट को बचाने पर है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि आयातित उत्पादों की कमी के कारण गैर-घरेलू सेक्टर में सप्लाई में देरी हो सकती है। बरौनी रिफाइनलरी ने अफवाहों से बचने की अपील की बरौनी रिफाइनरी ने अपील किया है कि अफवाहों से बचें। मंत्रालय ने घरों में घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की अंतर-बुकिंग अवधि शुरू की है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्लोबल लेवल पर जारी जीयो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आ रही है। इसका सीधा असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने बड़ा फैसला लिया है। अब घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं और अस्पतालों जैसे अनिवार्य संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। इंडियन ऑयल (IOCL) की ओर से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक मौजूदा ग्लोबल कंडिशन ने एलपीजी की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल से देश में स्टॉक की कमी नहीं हो, इसके लिए राशनिंग और प्राथमिकता की नीति अपनाई जा रही है। रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य नई गाइडलाइंस के अनुसार, तेल कंपनियों ने अपनी प्राथमिकता तय कर दी है। आम जनता के घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य रखा गया है। अनिवार्य गैर-घरेलू क्षेत्र अस्पताल, नर्सिंग होम और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं प्रभावित नहीं हो। अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों होटल, रेस्तरां, कारखाने आदि के लिए गैस की सप्लाई अब इतनी आसान नहीं होगी। तेल कंपनियों ने हाई लेवल कमेटी का किया गठन तेल कंपनियों ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें तीन कार्यकारी निदेशक (Executive Directors) इंडियन ऑयल से के. शैलेंद्र, भारत पेट्रोलियम से टी.वी. पांडियन एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम से ध्रुव कपिल को शामिल किया गया है। यदि किसी अन्य क्षेत्र को गैस की तत्काल आवश्यकता है, तो उन्हें इन अधिकारियों को सीधे ई-मेल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
यह कमेटी मेरिट और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर ही आपूर्ति का फैसला करेगी। राहत की बात यह है कि सरकार का पूरा जोर घरेलू बजट को बचाने पर है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि आयातित उत्पादों की कमी के कारण गैर-घरेलू सेक्टर में सप्लाई में देरी हो सकती है। बरौनी रिफाइनलरी ने अफवाहों से बचने की अपील की बरौनी रिफाइनरी ने अपील किया है कि अफवाहों से बचें। मंत्रालय ने घरों में घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की अंतर-बुकिंग अवधि शुरू की है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।  

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