सुनेत्रा पवार के एक फोन से बदला बारामती का सियासी गणित, शरद पवार गुट पीछे हटा, उद्धव भी राजी!

सुनेत्रा पवार के एक फोन से बदला बारामती का सियासी गणित, शरद पवार गुट पीछे हटा, उद्धव भी राजी!

बारामती उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कद्दावर नेता अजित पवार के निधन से खाली हुई इस सीट पर उनकी पत्नी व राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार एनसीपी (NCP) से उम्मीदवार है। इसी बीच जानकारी सामने आई है कि अजित पवार को श्रद्धांजलि स्वरूप एनसीपी शरद पवार गुट और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट बारामती उपचुनाव नहीं लड़ने के पक्ष में हैं। हालांकि, कांग्रेस ने बारामती से अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है।

अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के लिए नहीं लड़ेंगे चुनाव- शरद गुट

शनिवार को मुंबई स्थित शरद पवार के निवास स्थान ‘सिल्वर ओक’ पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक के बाद एनसीपी (शरद पवार) के प्रदेश प्रमुख शशिकांत शिंदे ने स्पष्ट किया कि पार्टी बारामती उपचुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी।

शिंदे ने कहा, 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में अजित दादा का निधन राज्य के लिए बड़ी क्षति है। उन्हें श्रद्धांजलि के रूप में हमने पहले ही तय कर लिया था कि हम बारामती में चुनाव नहीं लड़ेंगे। हम चाहते हैं कि यह चुनाव पूरी तरह निर्विरोध हो।

सुनेत्रा पवार का फोन और मान गए उद्धव!

बारामती उपचुनाव को निर्विरोध बनाने के लिए खुद एनसीपी प्रमुख व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कमान संभाली है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को फोन कर समर्थन मांगा। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत और मिलिंद नार्वेकर ने भी सुनेत्रा पवार के फोन पर बात होने की पुष्टि की है।

शिवसेना सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे पवार परिवार के साथ अपने पुराने और घनिष्ठ संबंधों को देखते हुए सुनेत्रा पवार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उद्धव ठाकरे जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं।

कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की शुरू की तैयारी

जहां शरद पवार और उद्धव ठाकरे सहानुभूति के आधार पर चुनाव से पीछे हट रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने अलग राह पकड़ ली है। जबकि तीनो दल राज्य के विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) का हिस्सा है। कांग्रेस के इस फैसले से महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर दरार पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने खुद घोषणा की है कि कांग्रेस बारामती में अपना उम्मीदवार जरूर उतारेगी। इसके लिए दिल्ली हाईकमान से हरी झंडी भी मिल चुकी है।

ऐसे में अगर कांग्रेस पीछे नहीं हटती, तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की निर्विरोध चुनाव कराने की अपील और पवार परिवार की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है।

बारामती में 19 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

बारामती और राहुरी सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। शनिवार तक करीब 19 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे हैं, जिनमें ओबीसी आंदोलनकारी लक्ष्मण हाके भी शामिल हैं।

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