Baramati by election: अजित पवार की पत्नी को निर्विरोध नहीं जीतने देगी कांग्रेस, सुनेत्रा पवार के खिलाफ पांच उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

Baramati by election: अजित पवार की पत्नी को निर्विरोध नहीं जीतने देगी कांग्रेस, सुनेत्रा पवार के खिलाफ पांच उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

Baramati by election: महाराष्ट्र की राजनीति का गढ़ कहे जाने वाले बारामती में एक बार फिर चुनावी बिसात बिछ गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक और दुखद निधन के बाद रिक्त हुई इस विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने राज्य का सियासी पारा चढ़ा दिया है। जहां एक ओर महायुति और शरद पवार गुट इस चुनाव को ‘निर्विरोध’ संपन्न कराने की कोशिश में थे, वहीं, कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारने का एलान कर दिया है।

बारामती सीट पिछले चार दशकों से पवार परिवार का अभेद्य किला रही है। अजित पवार के निधन के बाद उपजी संवेदनाओं को देखते हुए उनकी पत्नी और राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने खुद उद्धव ठाकरे को फोन कर समर्थन मांगा था। उन्होंने महाराष्ट्र की उस राजनीतिक परंपरा का हवाला दिया था, जिसमें किसी विधायक के निधन के बाद उनके परिजन के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा जाता। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने साफ कर दिया है कि पार्टी इस सीट पर मुकाबला करेगी और इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिल चुकी है। कांग्रेस के इस फैसले ने ‘निर्विरोध’ निर्वाचन की सभी संभावनाओं पर पानी फेर दिया है।

निर्विरोध की परंपरा पर संकट

महाराष्ट्र में एक अनकही परंपरा रही है कि किसी विधायक के निधन के बाद यदि उसका परिवार चुनाव मैदान में उतरता है, तो विपक्षी दल सम्मान स्वरूप अपना उम्मीदवार नहीं उतारते। इसका उदाहरण 2019 के अंधेरी (पूर्व) उपचुनाव में देखने को मिला था, जब रमेश लटके के निधन के बाद भाजपा ने उनकी पत्नी के खिलाफ अपना प्रत्याशी वापस ले लिया था। हालांकि, बारामती में मौजूदा स्थिति अलग नजर आ रही है, जहां कांग्रेस इस परंपरा को तोड़ने के मूड में है, जिससे चुनावी मुकाबला अब और ज्यादा रोचक और चुनौतीपूर्ण हो गया है।

शिवसेना (UBT) का ‘वेट एंड वॉच’

जहां कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए हैं, वहीं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे फिलहाल ‘इंतज़ार करो और देखो’ की नीति अपना रहे हैं। पार्टी सांसद संजय राउत के अनुसार, अजित पवार के प्रति संवेदनाओं और पवार परिवार से पुराने रिश्तों को देखते हुए उद्धव ठाकरे जल्द ही अपनी आधिकारिक भूमिका स्पष्ट करेंगे।

5 नामांकन और अहम तारीखें

सुनेत्रा पवार की मुश्किलें केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवार भी उनके लिए चुनौती बनते दिख रहे हैं। अब तक उनके खिलाफ पांच उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं, जिनमें अधिकांश बाहरी जिलों से हैं। इस बीच उपचुनाव का शेड्यूल भी तय हो चुका है। 23 अप्रैल 2026 को मतदान और 4 मई 2026 को मतगणना होगी। फिलहाल सबकी निगाहें कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा और शिवसेना (यूबीटी) के अंतिम रुख पर टिकी हैं। बारामती का यह उपचुनाव न केवल एक सीट का फैसला करेगा, बल्कि महाराष्ट्र की भविष्य की गठबंधन राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *