Banks closed today: बैंकों में आज कोई कामकाज नहीं होगा। 5 डेज बैंकिंग की मांग को लेकर देश भर के बैंक कर्मी आज यानी 27 जनवरी को हड़ताल पर हैं। 22 और 23 जनवरी को हड़ताल टालने के लिए बैठक हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई। इस हड़ताल के चलते बैंक पूरे चार दिन बंद रहे हैं। 24 जनवरी को शनिवार था, 25 को रविवार और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सार्वजनिक छुट्टी थी। बैंकों में अब 28 जनवरी से सामान्य दिनों की तरह कामकाज होगा।
सरकार नहीं है तैयार?
बैंक कर्मी पिछले लंबे समय से हर शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में छुट्टी रहती है। बैंक कर्मी चाहते हैं कि दूसरे सरकारी कार्यालयों की तरह बैंकों में भी सप्ताह में 5 दिन कामकाज की नीति होनी चाहिए। लेकिन सरकार इसके लिए तैयार दिखाई नहीं दे रही है। सरकार ने इस प्रस्ताव को अब तक मंजूर नहीं किया है। इसी को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल (bank strike news) बुलाई गई है।
पहले बन चुकी है सहमति
5-डेज बैंकिंग को लेकर इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच सहमति बन चुकी है। पिछले साल 25 जुलाई को लोकसभा में वित्त मंत्रालय ने बताया था कि इंडियन बैंक एसोसिएशन ने सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, तब से अब तक सरकार ने इस प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं लिया है। बैंक यूनियनों द्वारा सरकार को यह आश्वासन भी दिया है कि 5-डेज बैंकिंग से कामकाज प्रभावित नहीं होगा। क्योंकि बैंक कर्मचारी हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे। पूर्व में भी इस मांग को लेकर बैंक कर्मी हड़ताल पर जा चुके हैं।
जानबूझकर चुना यह दिन
लगातार 4 दिन बैंक बंद रहने से आर्थिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई हैं। बैंक यूनियन ने जानबूझकर 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान किया, ताकि चार दिन कामकाज प्रभावित होने से सरकार पर दबाव बढ़े और वह उसकी मांग पर विचार करने के बारे में सोचे। बैंक कर्मियों का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) सहित कई दूसरे सरकारी कार्यालयों में हर शनिवार को छुट्टी हो सकती है, तो फिर बैंकों में क्यों नहीं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने बताया है कि मुख्य मांग पांच दिन का वर्किंग वीक लागू करना है, जिसमें सभी शनिवार की छुट्टी शामिल है। मार्च 2024 में सैलरी रिवीजन सेटलमेंट के दौरान IBA के साथ इस बदलाव पर सहमति बनी थी, लेकिन इसे अभी तक लागू करने के लिए नोटिफाई नहीं किया गया है।
अब क्या होगा आगे?
सरकार ने स्वीकार किया है कि उसके पास 5 डेज बैंकिंग को लेकर प्रस्ताव विचाराधीन है। सरकार के साथ-साथ आरबीआई को भी इस प्रस्ताव को मंजूर करना होगा। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बैंक खुलने और बंद होने का समय बदल सकता है। बैंक यूनियन ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि 5 डेज बैंकिंग से कामकाज प्रभावित नहीं होगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि बैंक कर्मचारी हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे।


