किशनगंज जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ‘फाइव डे वर्किंग वीक’ की मांग को लेकर की गई इस हड़ताल से जिले में लगभग 300 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने शहर के गांधी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने धरना प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इसके बाद वे गांधी चौक पर जमा हुए। रीजनल कमेटी मेंबर और एसबीआई पश्चिमपाली के शाखा प्रबंधक अनिकेत आनंद ने बताया कि एलआईसी सहित कई वित्तीय संस्थानों में ‘फाइव डे वर्किंग वीक’ की व्यवस्था लागू है, इसलिए बैंकिंग सेक्टर में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मांगें मानने पर जोर दिया। यूएफबीयू के आह्वान पर आगे का निर्णय लिया जाएगा
यूनाइटेड फोरम एसोसिएशन की किशनगंज शाखा के सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार सभी शनिवारों को आधिकारिक तौर पर बैंक अवकाश घोषित करे और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (सोमवार से शुक्रवार) की व्यवस्था करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूएफबीयू के आह्वान पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल के कारण जिले में लेनदेन का कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। किशनगंज शहर में 24 से अधिक विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं, जहां करोड़ों रुपये का दैनिक लेनदेन और व्यवसाय होता है। ये सभी कार्य हड़ताल के चलते रुक गए। नकदी निकालने के लिए लोग परेशान दिखे
जिले में एसबीआई के एक दर्जन और अन्य बैंकों के भी लगभग एक दर्जन एटीएम हैं। कई एटीएम में नकदी निकालने के लिए लोग परेशान दिखे। जानकारी के अनुसार, बैंक शनिवार से ही बंद थे। हड़ताल से एक दिन पहले भरे गए एटीएम से ही काम चलाना पड़ा, क्योंकि तीन छुट्टियों और एक दिन की हड़ताल के कारण शुक्रवार के बाद से एटीएम में नकदी नहीं भरी जा सकी थी। हड़ताल में अभिषेक कुमार, धर्मेंद्र सिंह, चंदन कुमार, अंकुर कुमार, अमन झा, अमर, सौरव, महमूद आलम, एस आलम, अख्तर आलम, संदीप कुमार, संजय कुमार सुमन, अमित कुमार और प्रदीप सिंह सहित कई बैंककर्मी शामिल थे। किशनगंज जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। ‘फाइव डे वर्किंग वीक’ की मांग को लेकर की गई इस हड़ताल से जिले में लगभग 300 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मियों ने शहर के गांधी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने धरना प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इसके बाद वे गांधी चौक पर जमा हुए। रीजनल कमेटी मेंबर और एसबीआई पश्चिमपाली के शाखा प्रबंधक अनिकेत आनंद ने बताया कि एलआईसी सहित कई वित्तीय संस्थानों में ‘फाइव डे वर्किंग वीक’ की व्यवस्था लागू है, इसलिए बैंकिंग सेक्टर में भी इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मांगें मानने पर जोर दिया। यूएफबीयू के आह्वान पर आगे का निर्णय लिया जाएगा
यूनाइटेड फोरम एसोसिएशन की किशनगंज शाखा के सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार सभी शनिवारों को आधिकारिक तौर पर बैंक अवकाश घोषित करे और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (सोमवार से शुक्रवार) की व्यवस्था करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यूएफबीयू के आह्वान पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हड़ताल के कारण जिले में लेनदेन का कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। किशनगंज शहर में 24 से अधिक विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं, जहां करोड़ों रुपये का दैनिक लेनदेन और व्यवसाय होता है। ये सभी कार्य हड़ताल के चलते रुक गए। नकदी निकालने के लिए लोग परेशान दिखे
जिले में एसबीआई के एक दर्जन और अन्य बैंकों के भी लगभग एक दर्जन एटीएम हैं। कई एटीएम में नकदी निकालने के लिए लोग परेशान दिखे। जानकारी के अनुसार, बैंक शनिवार से ही बंद थे। हड़ताल से एक दिन पहले भरे गए एटीएम से ही काम चलाना पड़ा, क्योंकि तीन छुट्टियों और एक दिन की हड़ताल के कारण शुक्रवार के बाद से एटीएम में नकदी नहीं भरी जा सकी थी। हड़ताल में अभिषेक कुमार, धर्मेंद्र सिंह, चंदन कुमार, अंकुर कुमार, अमन झा, अमर, सौरव, महमूद आलम, एस आलम, अख्तर आलम, संदीप कुमार, संजय कुमार सुमन, अमित कुमार और प्रदीप सिंह सहित कई बैंककर्मी शामिल थे।


