भास्कर न्यूज| शिवहर बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर कन्हैया कुमार के निर्देश पर रविवार को शिवहर प्रखंड के कहतरवा गांव में किराना एवं जनरल स्टोर्स के मकान पर बैंक द्वारा सार्वजनिक सूचना का बैनर चिपकाया गया। यह कार्रवाई स्व. राम चंद्र साह के पुत्र अनिल साह के द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा से लिए गए ऋण की राशि समय पर नहीं चुकाने के कारण की गयी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बकाया ऋण की वसूली को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई की गयी। इस दौरान संबंधित मकान को विधिवत रूप से कब्जे में लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा को हैंडओवर कर दिया गया है। कार्रवाई के समय स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रही, जिससे विधि-व्यवस्था बनी रही। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर कन्हैया कुमार ने बताया कि अनिल साह द्वारा बैंक से मकान पर ऑडी लोन लिया गया था। लोन लंबे समय से बकाया था। बार-बार नोटिस देने के बावजूद ऋण की राशि जमा नहीं की गई। जिसके बाद बैंक को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने जानकारी दी कि बैंक द्वारा उक्त मकान की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ताकि बकाया ऋण की भरपाई की जा सके। अनिल साह पर क़रीब नौ लाख रुपए से अधिक का बकाया था। बार-बार सूचना के बावजूद जमा नहीं करा रहे थे। यहां तक कि बैंक के अधिकारी को भी धमकी दिया करते थे। मकान पर चिपकाये गये बैनर के माध्यम से आम जनता को भी सूचित किया गया है कि उक्त संपत्ति अब बैंक ऑफ बड़ौदा के अधीन है और इससे संबंधित किसी भी प्रकार का लेन-देन अवैध माना जायेगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं बैंक प्रशासन ने अन्य ऋणधारकों को भी समय पर ऋण चुकाने की अपील की है। ताकि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सके। इस संबंध में मकान मालिक अनिल साह ने बताया कि बिना कोई सूचना के बैंक कर्मी एवं प्रशासन के द्वारा यह कार्रवाई की गयी है जो सरासर गलत है। वहीं बैंक ने लोन की किस्तें या बकाया ऋण अदा न करने पर सरफेसी एक्ट के तहत ऋणी के घर को कब्जा करने का अधिकार है। बैंक जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की मौज़ूदगी में 60 दिन के नोटिस के बाद यह कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भास्कर न्यूज| शिवहर बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर कन्हैया कुमार के निर्देश पर रविवार को शिवहर प्रखंड के कहतरवा गांव में किराना एवं जनरल स्टोर्स के मकान पर बैंक द्वारा सार्वजनिक सूचना का बैनर चिपकाया गया। यह कार्रवाई स्व. राम चंद्र साह के पुत्र अनिल साह के द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा से लिए गए ऋण की राशि समय पर नहीं चुकाने के कारण की गयी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बकाया ऋण की वसूली को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई की गयी। इस दौरान संबंधित मकान को विधिवत रूप से कब्जे में लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा को हैंडओवर कर दिया गया है। कार्रवाई के समय स्थानीय पुलिस बल मौके पर मौजूद रही, जिससे विधि-व्यवस्था बनी रही। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ मैनेजर कन्हैया कुमार ने बताया कि अनिल साह द्वारा बैंक से मकान पर ऑडी लोन लिया गया था। लोन लंबे समय से बकाया था। बार-बार नोटिस देने के बावजूद ऋण की राशि जमा नहीं की गई। जिसके बाद बैंक को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने जानकारी दी कि बैंक द्वारा उक्त मकान की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ताकि बकाया ऋण की भरपाई की जा सके। अनिल साह पर क़रीब नौ लाख रुपए से अधिक का बकाया था। बार-बार सूचना के बावजूद जमा नहीं करा रहे थे। यहां तक कि बैंक के अधिकारी को भी धमकी दिया करते थे। मकान पर चिपकाये गये बैनर के माध्यम से आम जनता को भी सूचित किया गया है कि उक्त संपत्ति अब बैंक ऑफ बड़ौदा के अधीन है और इससे संबंधित किसी भी प्रकार का लेन-देन अवैध माना जायेगा। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। वहीं बैंक प्रशासन ने अन्य ऋणधारकों को भी समय पर ऋण चुकाने की अपील की है। ताकि इस तरह की कार्रवाई से बचा जा सके। इस संबंध में मकान मालिक अनिल साह ने बताया कि बिना कोई सूचना के बैंक कर्मी एवं प्रशासन के द्वारा यह कार्रवाई की गयी है जो सरासर गलत है। वहीं बैंक ने लोन की किस्तें या बकाया ऋण अदा न करने पर सरफेसी एक्ट के तहत ऋणी के घर को कब्जा करने का अधिकार है। बैंक जिला प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की मौज़ूदगी में 60 दिन के नोटिस के बाद यह कानूनी कार्रवाई कर सकता है।


