किशनगंज। जनता दल (यूनाइटेड) के ठाकुरगंज विधायक गोपाल अग्रवाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ठाकुरगंज समेत पूरा इलाका हिंदुस्तान के सबसे संवेदनशील जोन ‘चिकन नेक’ पर स्थित है, जिस पर चीन और बांग्लादेशी घुसपैठियों की नजर है। गलगलिया-चुराली-तियागाच-रामगंज-चोपड़ा शामिल विधायक अग्रवाल ने बताया कि यह 22 किलोमीटर लंबा संकीर्ण गलियारा नेपाल से बांग्लादेश को जोड़ता है, जिसमें गलगलिया-चुराली-तियागाच-रामगंज-चोपड़ा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन की इस ‘चिकन नेक’ पर नजर है। बांग्लादेश की खराब स्थिति के दौरान वहां के यूनुस ने भी इस क्षेत्र की ओर इशारा किया था। विधायक ने भारत विरोधी ताकतों की सक्रियता पर भी चिंता जताई और शरजील इमाम के लगभग 7-8 साल पहले ‘चिकन नेक’ को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान का भी उल्लेख किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं गोपाल अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश का कर भारतीयों की सेवा के लिए है, न कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठिए यहां आकर राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारतीयों का हक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, और किसी भी विदेशी को देश के संसाधनों पर अधिकार नहीं जमाने दिया जाएगा। ‘नो मैन्स लैंड’ में बनी अवैध बस्तियों का उठाया मुद्दा विधायक ने ठाकुरगंज सीमा पर ‘नो मैन्स लैंड’ (500 मीटर) में बनी अवैध बस्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। विधायक ने स्पष्ट किया कि इन अवैध घरों को ध्वस्त किया जाएगा और कोई भी उन्हें बचा नहीं पाएगा, भले ही इसमें समय लगे। ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक आर्मी कैंप स्थापित किया जा रहा है, और वायुसेना भी यहां 12-13 एकड़ जमीन की तलाश कर रही है। गोपाल अग्रवाल ने सीमा पर जाली नोट और नारकोटिक्स रैकेट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग, विशेषकर बांग्लादेशी घुसपैठिए, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए सीमा क्षेत्र की ‘सफाई’ (अवैध गतिविधियों पर रोक) अत्यंत आवश्यक है। घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी की चिंता गोपाल अग्रवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध निर्माण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि देश विरोधी तत्वों के खिलाफ है। हिंदुस्तान के संसाधन सिर्फ हिंदुस्तानियों के लिए हैं। किशनगंज। जनता दल (यूनाइटेड) के ठाकुरगंज विधायक गोपाल अग्रवाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ठाकुरगंज समेत पूरा इलाका हिंदुस्तान के सबसे संवेदनशील जोन ‘चिकन नेक’ पर स्थित है, जिस पर चीन और बांग्लादेशी घुसपैठियों की नजर है। गलगलिया-चुराली-तियागाच-रामगंज-चोपड़ा शामिल विधायक अग्रवाल ने बताया कि यह 22 किलोमीटर लंबा संकीर्ण गलियारा नेपाल से बांग्लादेश को जोड़ता है, जिसमें गलगलिया-चुराली-तियागाच-रामगंज-चोपड़ा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन की इस ‘चिकन नेक’ पर नजर है। बांग्लादेश की खराब स्थिति के दौरान वहां के यूनुस ने भी इस क्षेत्र की ओर इशारा किया था। विधायक ने भारत विरोधी ताकतों की सक्रियता पर भी चिंता जताई और शरजील इमाम के लगभग 7-8 साल पहले ‘चिकन नेक’ को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान का भी उल्लेख किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं गोपाल अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश का कर भारतीयों की सेवा के लिए है, न कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठिए यहां आकर राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भारतीयों का हक है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, और किसी भी विदेशी को देश के संसाधनों पर अधिकार नहीं जमाने दिया जाएगा। ‘नो मैन्स लैंड’ में बनी अवैध बस्तियों का उठाया मुद्दा विधायक ने ठाकुरगंज सीमा पर ‘नो मैन्स लैंड’ (500 मीटर) में बनी अवैध बस्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध निर्माणों की पहचान की जा रही है। विधायक ने स्पष्ट किया कि इन अवैध घरों को ध्वस्त किया जाएगा और कोई भी उन्हें बचा नहीं पाएगा, भले ही इसमें समय लगे। ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक आर्मी कैंप स्थापित किया जा रहा है, और वायुसेना भी यहां 12-13 एकड़ जमीन की तलाश कर रही है। गोपाल अग्रवाल ने सीमा पर जाली नोट और नारकोटिक्स रैकेट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाहरी लोग, विशेषकर बांग्लादेशी घुसपैठिए, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए सीमा क्षेत्र की ‘सफाई’ (अवैध गतिविधियों पर रोक) अत्यंत आवश्यक है। घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी की चिंता गोपाल अग्रवाल का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध निर्माण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि देश विरोधी तत्वों के खिलाफ है। हिंदुस्तान के संसाधन सिर्फ हिंदुस्तानियों के लिए हैं।


