Bangladesh Elections: बांग्लादेश में हुए चुनाव में BNP को बंपर जीत मिली है। पार्टी ने 299 सीटों वाली जतिया (संसद) में 200 का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके बाद पार्टी ने देशवासियों को शुभकमानाएं दी हैं। साथ ही, समर्थकों से जश्न न मनाने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि जीत का उत्सव मनाने के बजाय आज पूरे देश में समर्थक शुक्रवार की नमाज में शामिल होकर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को याद करें। पार्टी का यह संकेत संयम और राजनीतिक शिष्टाचार के रूप में देखा जा रहा है।
तारिक रहमान का पीएम बनना तय
पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। 17 साल बाद निर्वासन से लौटे रहमान अब सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठने जा रहे हैं। BNP प्रमुख तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगरा-6 दोनों सीटों पर भारी अंतर से जीत दर्ज की है।
जमात को पाकिस्तान का समर्थन है हासिल
बांग्लादेश में जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 68 सीटों पर जीत मिली है। वोटों की गिनती अभी भी जारी है। चुनाव में जमात की सहयोगी पार्टी NCP के इलेक्शन स्टीयरिंग कमेटी चेयरमैन आसिफ महमूद सजीब भुइयां ने आरोप लगाया है कि कुछ सीटों पर परिणामों में गड़बड़ी की कोशिश हो रही है। एक बांग्लादेशी न्यूज चैनल के मुताबिक 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में थे। वहां अनियमितता देखी गई।
बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के अमीर ममनुल हक ने ढाका-13 सीट पर मतगणना प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर की खराब डिजाइन के कारण उनके पक्ष में पड़े हजारों वोट रद्द कर दिए गए। हक ने कहा कि जमात ने देर रात औपचारिक तौर पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही, स्पष्टीकरण की मांग की है।
शेख हसीना ने बांग्लादेश चुनाव को बताया ‘ढोंग’
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को हुए 13वें संसदीय चुनाव को “ढोंग”, “अवैध” और “असंवैधानिक” करार दिया है। उन्होंने महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय सहित नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने इस चुनाव को खारिज कर दिया है।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा कराए गए “कथित” चुनाव की निंदा करते हुए हसीना ने आरोप लगाया कि सत्ता पर “अवैध और असंवैधानिक” तरीके से काबिज प्रशासन ने एक “सुनियोजित नाटक” रचा। उन्होंने कहा कि अवामी लीग की भागीदारी के बिना कराए गए इस “वोटरलेस” चुनाव में लोगों के मतदान अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की पूरी तरह अनदेखी की गई।
अवामी लीग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में हसीना ने कहा, “11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर कब्जा, गोलीबारी, वोट खरीदना, पैसे बांटना, बैलेट पर मुहर लगाना और एजेंटों से परिणाम पत्रों पर हस्ताक्षर कराना शुरू हो गया। 12 फरवरी की सुबह तक देशभर के अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदाता उपस्थिति नगण्य रही, जबकि राजधानी और अन्य क्षेत्रों के कई केंद्रों पर कोई मतदाता नहीं था।”


