बांग्लादेश ने फिर लगाया भारत पर इल्ज़ाम! हादी किलर को कोलकाता में छिपाकर बचा रहा है भारत? ढाका पुलिस का बड़ा दावा

बांग्लादेश ने फिर लगाया भारत पर इल्ज़ाम! हादी किलर को कोलकाता में छिपाकर बचा रहा है भारत? ढाका पुलिस का बड़ा दावा

Bangladesh Blames India: बांग्लादेश और भारत के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ढाका पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या का मास्टरमाइंड तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी (पूर्व जुबो लीग नेता और मीरपुर के एक्स-वार्ड काउंसलर) कोलकाता में छिपा हुआ है। पुलिस का कहना है कि बप्पी राजारहाट इलाके की झांझन गली में एक चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रह रहा है, जहां उसके साथ 4-5 अन्य अवामी लीग और जुबो लीग के नेता/कार्यकर्ता (जैसे मुफिकुर रहमान उज्जोल और सजिबुल इस्लाम) फर्जी पहचान के साथ लगभग एक साल से छिपे हैं।

हादी हत्याकांड का बैकग्राउंड

शरीफ उस्मान बिन हादी (32 वर्ष) इंकलाब मंच (Inqilab Moncho) के सह-संस्थापक और प्रवक्ता थे। वह शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के खिलाफ मुखर विरोधी थे और भारत-विरोधी बयानों के लिए जाने जाते थे। 12 दिसंबर 2025 को ढाका के पलटन इलाके में चुनावी कार्यक्रम के बाद रिक्शा में बैठे हादी पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी। उन्हें सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

ढाका पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ दर्ज की चार्जशीट

ढाका पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच (DB) ने 6 जनवरी 2026 को 17 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें मुख्य आरोपी फैजल करीम मसूद (शूटर, पूर्व छात्र लीग नेता) और आलमगीर शेख शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि हत्या राजनीतिक प्रतिशोध (political vendetta) से प्रेरित थी, और बप्पी ने इसे ऑर्डर किया। साजिश सिंगापुर में रची गई थी। हत्या के बाद शूटर भारत भाग गए, लेकिन अब फोकस बप्पी पर है।

ढाका पुलिस का आरोप और भारत का इनकार

ढाका DB का कहना है कि बप्पी हत्या की पूरी साजिश रच रहा था और भारत में शेल्टर ले रहा है। यह आरोप बांग्लादेश में बढ़ते एंटी-इंडिया सेंटिमेंट और अल्पसंख्यक हिंसा के बीच आया है, जहां कई लोग भारत को हसीना के समर्थक मानते हैं।

हालांकि, कोलकाता पुलिस (नारायणपुर थाना और बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट) ने इन दावों से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि कोई आरोपी कोलकाता में छिपा है। यह अंतरराष्ट्रीय मामला होने से लोकल पुलिस टिप्पणी करने से बच रही है। भारत पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज कर चुका है, खासकर मेघालय बॉर्डर से फरार होने के दावों को BSF ने झूठा और भ्रामक बताया था।

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