श्योपुर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल नवमी शुक्रवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर सहित पूरे जिले में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोपहर 12 बजे किला स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में भगवान श्रीराम के जन्म का उत्सव मनाया गया। इस दौरान “प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और दिनभर भजन-कीर्तन व अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे। शाम 4 बजे सोनघाट स्थित श्रीरामजानकी मंदिर से भगवान श्रीराम की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा शहर राममय नजर आया। शोभायात्रा के लिए शहर में आकर्षक सजावट की गई थी। शोभायात्रा में कई मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने लोगों का मन मोह लिया। एक विशेष रथ पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा विराजमान थी, जिसे राजस्थान से मंगवाया गया था। दूसरे रथ में श्रीराम दरबार सजाया गया था। नासिक की टीम ने ढोल- ताशे बजाए नासिक से आई टीम के ढोल-ताशों की गूंज ने शोभायात्रा को और भव्य बना दिया। गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर भक्त नाचते-गाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा किला रोड, मुख्य बाजार, गांधी चौक और जयस्तंभ होते हुए श्रीरामतलाई हनुमान मंदिर पहुंची। रात 9 बजे यहां आरती के बाद यात्रा मुख्य बाजार होते हुए रामजानकी मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा का शहरभर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा की गई, तो श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर भगवान श्रीराम का अभिनंदन किया। इस आयोजन में मंदिर के पुजारी रामभरोस महाराज, समिति अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल सहित अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे। हर द्वार पर आरती, जगह-जगह लगे स्वागत स्टॉल
भगवान श्रीराम की शोभायात्रा के स्वागत के लिए शहरवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों के सामने आरती उतारकर पूजा-अर्चना की। वहीं विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक संगठनों और व्यापारियों द्वारा जगह-जगह स्टॉल लगाए गए, जहां श्रद्धालुओं को शीतल पेय, आइसक्रीम और स्वल्पाहार वितरित किया गया। चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था, ड्रोन से हुई निगरानी
शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बाहर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और पूरे मार्ग पर जवान तैनात रहे। कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, वहीं ड्रोन और वीडियो कैमरों से भी शोभायात्रा की निगरानी की गई।


