हाईकोर्ट पहुंचा बांदा राइफल क्लब का मामला:मैदान को व्यवसायिक उपयोग के लिए नीलाम के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल

हाईकोर्ट पहुंचा बांदा राइफल क्लब का मामला:मैदान को व्यवसायिक उपयोग के लिए नीलाम के फैसले के खिलाफ जनहित याचिका दाखिल

बांदा शहर स्थित राइफल क्लब खेल मैदान को व्यावसायिक उपयोग के लिए नीलाम करने के सरकारी फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। संजीव अवस्थी की ओर से दाखिल जनहित याचिका में बांदा विकास प्राधिकरण की ओर से गत एक जनवरी को जारी नीलामी नोटिस को चुनौती दी गई है। नोटिस के अनुसार 21 जनवरी को मैदान की नीलामी प्रस्तावित है। याचिका में कहा गया है कि अलीगंज मोहल्ला स्थित लगभग 8825.70 वर्गमीटर में फैला मैदान 1930 के दशक से खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद ने भी 1930 के शुरुआती वर्षों में यहां प्रदर्शनी मैच खेला था। इसके अलावा यह मैदान सुरेश चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र शर्मा मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट जैसे कई प्रतिष्ठित आयोजनों का साक्षी रहा है। याची का कहना है कि 1964 में तत्कालीन डीएम राजकुमार भार्गव ने जन सहयोग से इसकी बाउंड्री वॉल बनवाकर इसे संरक्षित किया था।
बाद में कुछ कमरों का अस्थायी उपयोग बांदा विकास प्राधिकरण कार्यालय के रूप में होने लगा। मुख्यमंत्री के नीलामी न करने के आश्वासन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। याचिका में नीलामी पर अविलंब रोक लगाने की मांग की गई है।

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