जशपुर जिला प्रशासन ने स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू और गुटखा उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय नशा नियंत्रण, सड़क सुरक्षा और नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय एन-कार्ड, सड़क सुरक्षा समिति और नए कानूनों के क्रियान्वयन संबंधी बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रोहित व्यास ने की। बैठक में जिले के नवनियुक्त डीआईजी एवं एसएसपी लाल उमेद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। नशा नियंत्रण और जनस्वास्थ्य पर सख्त निर्देश बैठक में नशा नियंत्रण, जनस्वास्थ्य, दुर्घटना प्रबंधन और जनजागरूकता से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। कलेक्टर ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने, चेकिंग अभियान तेज करने और जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। कोटपा एक्ट के तहत लगातार और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। स्कूल परिसरों के आसपास पान ठेलों का होगा सर्वे एसएसपी लाल उमेद सिंह ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर स्कूल परिसरों के आसपास स्थित पान ठेलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि प्रभावी अभियान चलाकर तंबाकू बिक्री पर रोक लगाई जा सके। मेडिकल स्टोर्स और अवैध दवाओं पर सख्त कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स की गहन जांच कर अवैध और नशीली दवाइयों के मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को आश्रम-छात्रावासों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जानकारी एकत्र कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं आबकारी विभाग को हाईवे किनारे स्थित होटल-ढाबों में अवैध शराब बिक्री की जांच कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नशे के कारण निलंबित कर्मचारियों के लिए सख्त नियम नशे के कारण निलंबित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबन बहाली से पूर्व अनिवार्य रूप से एक माह तक नशा मुक्ति केंद्र में उपचार लेने के निर्देश दिए गए। नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्रों में नशीली दवाइयों, सिरिंज और शराब की बोतलों जैसे अवशेष मिलने वाले गुप्त स्थलों की पहचान कर रोकथाम एवं स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर, ब्लैक स्पॉट की होगी पहचान सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि के आंकड़ों की समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सूची तैयार करने और सभी ड्राइवरों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग पर सख्ती दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का सख्ती से पालन कराने और ओवरस्पीडिंग-शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि उनका स्टाफ दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहने। ग्रामीण क्षेत्रों में रिफ्लेक्टिव स्टीकर और विशेष अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टिव स्टीकर लगाने तथा आरटीओ बैरियर पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में नए कानूनों के तहत हिट एंड रन योजना पर चर्चा की गई। इसके तहत दुर्घटना पीड़ितों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज व्यवस्था की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। राहगीर योजना का होगा व्यापक प्रचार राहगीर योजना के अंतर्गत गोल्डन आवर में दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वालों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। एम्बुलेंस और आपात सेवाएं होंगी और मजबूत जिले की सभी एम्बुलेंस को 24×7 सक्रिय रखने और सूचना मिलते ही त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम और सीएमएचओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया। हर पंचायत में आपात वाहन चिह्नित करने के निर्देश प्रत्येक पंचायत में दुर्घटना की स्थिति में उपयोग के लिए एक वाहन चिह्नित कर उसका ड्राइवर और वाहन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर सैनिकों और शासकीय ड्राइवरों को फर्स्ट एड और सीपीआर का प्रशिक्षण देने तथा हाईवे टोल फ्री नंबर 1033 को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।


