राजस्थान में खेजड़ी कटाई पर लगी रोक, इसी बजट सत्र में आएगा ट्री प्रोटेक्शन कानून; बीकानेर में आंदोलन स्थगित

राजस्थान में खेजड़ी कटाई पर लगी रोक, इसी बजट सत्र में आएगा ट्री प्रोटेक्शन कानून; बीकानेर में आंदोलन स्थगित

Rajasthan Tree Protection Law: बीकानेर जिला कलक्ट्रेट पर चल रहे पर्यावरण बचाओ महापड़ाव के 11 दिन के तप और जनदबाव के बाद आखिरकार सरकार पिघल गई। सरकार ने गुरुवार रात राजस्थान में खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने और इसी बजट सत्र में ट्री प्रोटेक्शन कानून लाने की घोषणा कर दी। राज्यमंत्री केके बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई, फलोदी विधायक पच्चाराम विश्नोई और जीव-जंतु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई रात करीब 10 बजे बीकानेर पहुंचे।

उन्होंने राजस्व विभाग के सचिव डॉ. जोगाराम की ओर से सभी जिला कलक्टरों को जारी आदेश महापड़ाव मंच पर सौंपा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ट्री प्रोटेक्शन कानून बनने तक प्रदेश में खेजड़ी कटाई पर पूर्ण रोक रहेगी। साथ ही सरकार ने इसी बजट सत्र में कानून लाने का भरोसा दिया है। स्वामी सच्चिदानंद ने रात करीब 11 बजे आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।

Khejri tree cutting ban

फैसले का स्वागत

‘पर्यावरण की रक्षा कौन करेगा… हम करेंगे और खेजड़ी और जीवों की रक्षा कौन करेगा… हम करेंगे’ के नारों के बीच प्रतिनिधिमंडल मंच पर पहुंचा। स्वामी सच्चिदानंद, परसराम बिश्नोई, रामगोपाल बिश्नोई और स्वामी भागीरथ शास्त्री सहित संतों ने विचार रखे। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने बताया कि सचिव ने पूरे प्रदेश में खेजड़ी कटाई पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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कानून में कमी रही तो…

मंच पर पत्र मिलने के बाद आंदोलन की अगुवाई कर रहे संत समाज ने कानून बनने तक महापड़ाव स्थगित करने की घोषणा कर दी। संतों ने स्पष्ट कहा कि यदि नए कानून में कोई कमी रही तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। वहीं, कानून जनभावना के अनुरूप चना तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्य सचिव ने लगाई खेजड़ी कटाई पर रोक

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि आज संघर्ष का सम्मान करते हुए सरकार जनता के बीच आई है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों के बाद मां अमृता देवी का पर्यावरण बचाने का संदेश बीकानेर से पूरे विश्व को दिया है। संत अनशन पर बैठे, नौजवान, महिलाएं, बुजुर्ग अनशन पर बैठे तब भी सरकार ने संतों से किया वादा पूरा करने की बात कही। 70 साल के बाद कानून बनाने की अलख संत समाज ने जगाई। मुख्यमंत्री शर्मा ने भी कहा कि जो संत आदेश मांग रहे है, वह जाकर उन्हें सौंपे। सरकार के मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टर्स को आदेश दिया है कि खेजड़ी को कानून बनने तक कोई नहीं काट सकता।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यसभा में उठाया खेजड़ी संरक्षण का मुद्दा

इससे पहले राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्यसभा में खेजड़ी, नीम, रोहिड़ा सहित मरुस्थलीय वनस्पति के संरक्षण एवं जूलिफ्लोरा (विलायती बबूल) के चरणबद्ध उन्मूलन का मुद्दा उठाया। भाजपा नेता डॉ. अशोक भाटी ने बताया कि अविलम्बनीय लोक महत्व के विषय विशेष उल्लेख के नियम 180 के तहत राज्यसभा में सांसद राठौड़ ने अपनी बात रखी। उन्होंने प्रदेश के खेजड़ी, नीम, रोहिड़ा, पीपल जैसे मरु पर्यावरण अनुकूल पौधों का संरक्षण एवं प्रोत्साहन करने की पैरवी की। उन्होंने स्कूलों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा वीबी जी-राम-जी योजना के माध्यम से इन्हें संरक्षित करने का सुझाव दिया।

सदन को अवगत कराया कि राजस्थान सहित देश के शुष्क क्षेत्रों में फैल रही आक्रामक विदेशी वनस्पति प्रजाति ‘जूलिफ्लोरा’ का विस्तार मरुस्थलीय प्रदेश में घातक साबित हो रहा है। सीमित हरियाली वाले क्षेत्र की स्थानीय वनस्पतियों, चारागाह भूमि और जैव विविधता को नुकसान पहुंचा रहा है। यह वनस्पति भूजल का भी अत्यधिक दोहन करती है। वही खेजड़ी, नीम, रोहिड़ा, पीपल पर्यावरण अनुकूल वनस्पति है। राठौड़ ने खेजड़ी का संरक्षण करने और जूलिफ्लोरा का चरणबद्ध उन्मूलन की समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का प्रस्ताव रखा। हरित वृक्ष क्रान्ति का सुझाव दिया।

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