बिहार में हिजाब, बुर्का और घूंघट पहनकर आने वाली महिलाएं सोना-चांदी नहीं खरीद सकेंगी। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सुरक्षा कारणों से इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है। समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने इस फैसले पर सहमति जताई है। बुधवार को हायाघाट के मिर्जापुर में समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे प्रो. उमाकांत चौधरी की जयंती समारोह में शामिल होने पहुंची थीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा है। इसे जाति, धर्म या राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट पहनकर या नकाब से चेहरा कवर करके किसी दुकान में जाना कहीं से भी उचित नहीं है। इस फैसले को गलत तरीके से समझना या पेश करना सही नहीं होगा। सुरक्षा कारणों से लिया फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन का मानना है कि चेहरा ढके रहने से पहचान करने में कठिनाई होती है। जिससे चोरी, लूट और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह निर्णय ज्वेलरी दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। फेडरेशन के अनुसार, इस नियम से अपराध पर अंकुश लगेगा और ज्वेलरी कारोबार को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। यह कदम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।’ बिहार में हिजाब, बुर्का और घूंघट पहनकर आने वाली महिलाएं सोना-चांदी नहीं खरीद सकेंगी। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन (AIJGF) के निर्देश पर ये फैसला लिया गया है। इसके साथ ही बिहार देश का पहला राज्य बन गया है, जहां सुरक्षा कारणों से इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है। समस्तीपुर से सांसद शांभवी चौधरी ने इस फैसले पर सहमति जताई है। बुधवार को हायाघाट के मिर्जापुर में समता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे प्रो. उमाकांत चौधरी की जयंती समारोह में शामिल होने पहुंची थीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह सुरक्षा से जुड़ा है। इसे जाति, धर्म या राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट पहनकर या नकाब से चेहरा कवर करके किसी दुकान में जाना कहीं से भी उचित नहीं है। इस फैसले को गलत तरीके से समझना या पेश करना सही नहीं होगा। सुरक्षा कारणों से लिया फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन का मानना है कि चेहरा ढके रहने से पहचान करने में कठिनाई होती है। जिससे चोरी, लूट और धोखाधड़ी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह निर्णय ज्वेलरी दुकानदारों और ग्राहकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। फेडरेशन के अनुसार, इस नियम से अपराध पर अंकुश लगेगा और ज्वेलरी कारोबार को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। यह कदम किसी समुदाय या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।’


