बलिया: 50 हजार का इनामी राबिन सिंह ने किया सरेंडर:आयुष-मंटू हत्याकांड में फरार था, सोशल मीडिया पर खुद को बेगुनाह बताया

बलिया के आयुष यादव हत्याकांड में नामजद और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा 50 हजार का इनामी आरोपी राबिन सिंह आखिरकार मऊ कोतवाली पहुंचा लेकिन गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नाटकीय सरेंडर के जरिए। इस सरेंडर ने पूरे मामले में साजिश और संरक्षण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सरेंडर के साथ ही राबिन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को साजिश करार दिया है। इस घटनाक्रम ने पूरे पूर्वांचल में हलचल मचा दी है। दो हत्याएं, एक नाम आयुष यादव और समीर उर्फ मंटू—दोनों ने घायलावस्था में दिए गए अपने बयानों में राबिन सिंह का नाम लिया था। इसी आधार पर मऊ पुलिस ने उस पर पहले 25 हजार और बाद में इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये घोषित किया था। सरेंडर से पहले तक राबिन पुलिस की पकड़ से बाहर था, जिसे लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। आयुष यादव हत्याकांड: गोली मारकर की गई हत्या बेल्थरा रोड के उभांव थाना क्षेत्र में आयुष यादव को बदमाशों ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में आयुष को पहले सीएचसी सीयर, फिर मऊ जिला अस्पताल और बाद में वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर पर रॉबिन सिंह सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार नकाबपोश बदमाश दिखाई दिए, जिससे घटना पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत होती है। शादी से लौटते समय हमला किया मऊ जनपद के रामपुर थाना क्षेत्र में 25 नवंबर की रात समीर कुमार उर्फ मंटू पर सुनियोजित हमला किया गया। शादी समारोह से लौटते समय चार पहिया वाहन से रास्ता रोककर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से बेरहमी से पिटाई की गई।
गंभीर रूप से घायल समीर को पहले जिला अस्पताल मऊ, फिर वाराणसी BHU ट्रॉमा सेंटर और बाद में लखनऊ KGMU रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घायल अवस्था में समीर का वीडियो वायरल हुआ, जो जांच का अहम आधार बना है। 221715 गैंग की भूमिका पर फोकस इन दोनों हत्याकांडों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, क्षेत्र में कुछ वर्षों से सक्रिय युवाओं के 221715 गैंग की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफेदपोशों द्वारा इस गैंग का इस्तेमाल नशे का कारोबार, जमीन विवाद और आपराधिक वसूली में किया जाता रहा है। पुलिस की उदासीनता से यह फल फूल रहा था। नशा, अनैतिक कार्यों के अड्डे और अपराध की चेन सामाजिक संगठनों का मानना है कि बेल्थरा रोड और आसपास के इलाकों में नशे व अनैतिक कार्यों के अड्डे युवाओं के अपराध में प्रवेश का पहला दरवाजा बन चुके हैं। सपा के प्रदेश सचिव व पूर्व जिलाध्यक्ष आद्या शंकर यादव व मानव धर्म प्रचार संस्थान के जिला सचिव विनोद कुमार मानव ने प्रशासन से इन ठिकानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का दावा: सरेंडर के बाद तेज होगी जांच सीओ रसड़ा आलोक कुमार गुप्ता ने राबिन सिंह के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। मृत्यु-पूर्व बयान, वायरल वीडियो, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और 221715 गैंग से जुड़े बिंदुओं पर गहन जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि सरेंडर के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा जल्द किया जाएगा। इनामी आरोपी का नाटकीय सरेंडर जहां पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, वहीं यह सवाल भी छोड़ जाता है कि क्या 221715 गैंग और नशे व अनैतिक कार्यों के अड्डे जैसे नेटवर्क पर समय रहते कार्रवाई होती, तो आयुष और मंटू आज जिंदा होते।

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