अलवर. चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होंगे। इस दौरान करणी माता में मेला भरता है, लेकिन पांच महीने से मंदिर को जाने वाला मार्ग बंद पड़ा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को चिंता सताने लगी है कि आखिर मेला भरेगा या नहीं और नवरात्र में माताजी के दर्शन कैसे होंगे।
पिछले साल बारिश के दौरान यह मार्ग टूट गया था। इसके बाद इसकी अस्थाई मरम्मत करवाकर शारदीय नवरात्र में मार्ग को खोल दिया गया, लेकिन उसके बाद से यह रास्ता बंद है। पर्यटन सीजन में भी पर्यटक न तो बाला किला का दीदार कर सके और न ही टाइगर सफारी का आनंद ले पाए। अब चैत्र नवरात्र शुरू होने वाले हैं। इस दौरान अलवर ही नहीं आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए आएंगे। मगर मार्ग बंद होने से करणी माता मेला भरने पर भी संशय बना हुआ है।
50 मीटर सड़क बननी थी
वन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के बीच समन्वय नहीं होने के कारण सड़क के काम में लगातार देरी हुई। करीब 50 मीटर लंबाई में सड़क पिछले साल मानसून शुरू होने से पहले ढह गई थी, जो अब तक ठीक नहीं हो सकी है। तभी से यह मार्ग पर्यटकों के लिए बंद है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए डीपीआर भी तैयार कर ली है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
बाघिन की टेरेटरी बनी
बाला किला क्षेत्र का रास्ता लगातार बंद होने की वजह से बाघिन एसटी-2302 का मूवमेंट देखने को मिला है। वह अपने दो शावकों के साथ यहां कई बार नजर आई है। अंधेरी और प्रताप बंध क्षेत्र में भी इसका मूवमेंट है। पिछले साल इस क्षेत्र में सांभर का शिकार करते हुए भी बाघिन का वीडिया वायरल हुआ था।
बाला किला मार्ग पांच महीने से बंद, नवरात्र में कैसे होंगे करणी माता के दर्शन


