आमतौर पर फाल्गुन में हल्की ठंडक और फाल्गुनी हवाओं का अहसास बना रहता है, लेकिन इस बार मौसम ने करवट बदल ली है। ठंडक की जगह गर्मी का असर बढ़ने लगा है और तापमान ज्येष्ठ-वैशाख जैसा महसूस हो रहा है। तेजी से बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों ने पंखों की गति बढ़ा दी है। हल्के गर्म कपड़े अब लगभग पहनने बंद हो गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जिस रफ्तार से तापमान बढ़ रहा है, आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है।
होली पर और सताएगी गर्मी
पिछले एक सप्ताह में अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी आगे भी जारी रहने की संभावना है, जिससे होली के आसपास गर्मी का असर और अधिक महसूस हो सकता है। मौसम के बदले मिजाज का असर बाजारों में भी साफ दिखने लगा है। शीतल पेय पदार्थों की दुकानें और ठेले सजने लगे हैं। वहीं छाछ की बिक्री में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
दोपहर की धूप मई जैसी चुभी
इससे पहले, गुरुवार को आसमान साफ रहा और सुबह से ही तेज धूप निकल आई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, धूप की तपिश बढ़ती चली गई। दोपहर एक बजे के आसपास हालात मई माह जैसे महसूस हुए और लोग छांव की तलाश में नजर आए।
इस तरह चढ़ता गया तापमापी का पारा
गमीर् में बढ़ोत्तरी के क्रम की बात करें, तो 19 फरवरी को तापमान 26.8 डिग्री था, जो 20 फरवरी को 27.2, 21 फरवरी को 29.2, 22 फरवरी को 31.2, 23 फरवरी को 32.0, 24 फरवरी को 33.0, 25 फरवरी को 32.6, 26 फरवरी को 34.3 डिग्री हो गया। माना जा रहा है कि होली तक पारा मापी और अधिक उछाल दर्ज कर सकता है।


