RPSC के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को जमानत:सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा; फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा

RPSC के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को जमानत:सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा; फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा

सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेड सेकेंड टीचर भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार RPSC के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को जमानत दे दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कटारा को अंतरिम जमानत देते हुए राज्य सरकार से मामले में अब तक की जांच और अन्य पहलुओं पर 2 सप्ताह में जवाब मांगा है। अगस्त 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट ने बाबूलाल कटारा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कटारा ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। हालांकि जमानत मिलने के बाद भी फिलहाल कटारा को जेल में ही रहना पड़ेगा, क्योंकि वह एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले और ईडी मामले में भी गिरफ्तार है।

याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर वकील विवेक जैन ने पैरवी की। उन्होंने कहा- गिरफ्तारी के समय कटारा से कोई भी आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई। किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। जांच एजेंसी ने केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए हैं और उनसे कोई बरामदगी नहीं हुई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह 2 सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाबी हलफनामा (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करें।अदालत ने कहा- हलफनामे में चार्जशीट का विवरण, अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या, आरोप तय होने की स्थिति, यदि आरोप तय नहीं हुए हैं तो देरी के कारण, मुकदमे की प्रगति, याचिकाकर्ता का आपराधिक रिकॉर्ड और क्या किसी सह-आरोपी को जमानत दी गई है। इन सभी बिंदुओं का उल्लेख किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी अनुमति दी कि राज्य सरकार द्वारा जवाबी हलफनामा दाखिल किए जाने के एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता प्रत्युत्तर (रीजॉइंडर) दाखिल कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम जमानत अगली सुनवाई की तिथि तक प्रभावी रहेगी, बशर्ते ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च, 2026 को निर्धारित की गई है।
चलती बस में पेपर हल करवा रहे थे
उदयपुर जिले के बेकरिया थाना पुलिस ने 24 दिसंबर 2022 को एक बस को पकड़ा था। पेपर लीक के सरगना चलती बस में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के 49 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर हल करवा रहे थे। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। एसओजी के अनुसार, कटारा को इस परीक्षा के पेपर और उत्तर कुंजी तैयार करने का दायित्व मिला था। लेकिन उसने पेपर लीक कर दिया। कटारा के घर से 51.20 लाख रुपए नकद और 541 ग्राम सोने के 9 आभूषण बरामद हुए थे। परीक्षा से 60 दिन पहले ही पेपर हुआ लीक
चार्जशीट से सामने आया था कि 24 दिसंबर 2022 को होने वाले सीनियर टीचर एग्जाम का पेपर परीक्षा से 60 दिन पहले अक्टूबर में ही लीक हो गया था। RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा पेपर तैयार होते ही सभी सेट की मूल कॉपी अपने सरकारी आवास पर ले गया था। कटारा के पास विशेषज्ञों से पेपर सेट कराने की जिम्मेदारी थी। कटारा ने अपने भांजे विजय डामोर से सभी सवाल रजिस्टर में लिखवा लिए। इसके बाद उसने प्रिंटिंग के लिए पेपर वापस ऑफिस में जमा करा दिया। भांजे विजय के लिखे रजिस्टर को कटारा ने मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा को दिया। शेर सिंह ने इसकी फोटो अपने मोबाइल में खींची। फोटो से पेपर टाइप कर गिरोह को बेच दिया। बाद में सबूत मिटाने के लिए रजिस्टर को जला दिया।

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