जिम जेहाद कांड के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज:जिला न्यायालय से जहीर और शादाब को राहत नहीं मिली

जिम जेहाद कांड के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज:जिला न्यायालय से जहीर और शादाब को राहत नहीं मिली

मिर्जापुर में जिम की आड़ में अवैध धर्मांतरण कराने के चर्चित मामले में आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इस प्रकरण में जहीर खान (लगभग 33 वर्ष), निवासी 89 बटालियन पीएसी रोड, रेवन्ना, थाना कोतवाली देहात, मिर्जापुर, और मोहम्मद शादाब (लगभग 38 वर्ष), निवासी प्रतापपुर कमाईंचा, थाना चांदा, जनपद सुल्तानपुर (वर्तमान पता साई गार्डेन, हयात नगर, थाना कटरा, मिर्जापुर) के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। देहात कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को जिम की आड़ में अवैध धर्मांतरण कराने सहित कई गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और आईटी एक्ट की धारा 67(बी) के तहत आरोप लगाए गए हैं। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता आदर्श तिवारी ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए दलील दी कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे, बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं। वहीं, अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) आलोक कुमार राय ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत के समक्ष मामले की गंभीरता और आरोपों के स्वरूप को विस्तार से प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने टिप्पणी की कि मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को जमानत दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता। इसी आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

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