इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा में आरोपी युवक मोहम्मद आलम की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। आलम की अग्रिम जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने उसे 25 फरवरी तक अंतरिम अग्रिम जमानत दी और राज्य से जवाबी हलफनामा मांगा है।
आलम के पिता की ही अर्जी पर संभल की सीजेएम कोर्ट ने गोली चलाने वाले क्षेत्रधिकारी अनुज चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज़ करने का आदेश दिया था। याची के पिता ने सीजेएम कोर्ट में तर्क दिया था कि उनका बेटा बिना किसी उकसावे के पुलिस फायरिंग का शिकार हुआ लेकिन राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि आलम को पुलिसकर्मियों की गोली से कोई चोट नहीं लगी थी।
गौरतलब है कि आलम पर बीएनएस की धारा 191(3) (घातक हथियार से दंगा), 109(1) (हत्या का प्रयास), 121 (सरकारी कर्मचारी को रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना), 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला) के तहत प्राथमिकी दर्ज है। उसके अधिवक्ता का कहना था कि आलम निर्दोष है और मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि उसके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता और शुरुआती प्राथमिकी में उसका नाम नहीं था।
यह भी कहा कि घटना में याची को खुद गोली लगी और उसका इलाज हुआ था। यह भी कहा गया कि याची मामले की सुनवाई में सहयोग करेगा और जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसी के सामने उपस्थित होगा। दूसरी ओर, राज्य की ओर से जमानत का विरोध करते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने को समय मांगा। कोर्ट ने याची को 25 फरवरी तक अंतरिम जमानत दी है।


