PDS Crisis in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए संग्रहित चावल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गीदम वेयरहाउस में खराब चावल का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे पूरे खाद्य आपूर्ति तंत्र की खामियां उजागर हो गई हैं।
PDS Crisis in Chhattisgarh: धमतरी से मंगाई गई चावल सफाई मशीन
खराब चावल की स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने धमतरी से विशेष चावल सफाई मशीन मंगाई है। सफाई के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है-एक पैकेट में 4 से 5 किलो तक चावल लड्डू के रूप में जमकर निकल रहा है। अब तक करीब 30 हजार क्विंटल चावल की सफाई की जा चुकी है।
भैरमगढ़ और कुआकोंडा में चावल की भारी किल्लत
खराब स्टॉक के कारण भैरमगढ़ और कुआकोंडा ब्लॉक में चावल की गंभीर किल्लत बन गई है। इसका सीधा असर पीडीएस दुकानों पर दिखाई दे रहा है। कई उचित मूल्य दुकानों में समय पर चावल का वितरण नहीं हो पा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
पकाने पर लाल हो रहा चावल
जानकारी के अनुसार, पहले जो चावल वितरित किया गया था, वह पकाने पर लाल रंग का हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं ने चावल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है।
क्वालिटी जांच में भारी लापरवाही उजागर
जांच में सामने आया है कि चावल की गुणवत्ता जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई। कई राइस मिलर्स द्वारा सप्लाई किया गया चावल मानक के अनुरूप नहीं पाया गया, इसके बावजूद गलत रिपोर्ट के आधार पर स्टॉक वेयरहाउस से खाली करा लिया गया।
करोड़ों के नुकसान की आशंका
खराब चावल के कारण सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं, अब मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच पूरी होते ही दोषी अधिकारियों और राइस मिलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जांच के घेरे में पूरा सप्लाई सिस्टम
इस पूरे प्रकरण ने चावल खरीदी से लेकर भंडारण और वितरण तक की पूरी व्यवस्था को जांच के घेरे में ला दिया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए, इसके लिए सिस्टम में सुधार किया जाएगा।


