बाबा गरीबनाथ का 101 किलो लाई-तिलकुट से महाश्रृंगार:मकर संक्रांति पर मंदिर में भक्तों की भीड़, वर्षों से चली आ रही परंपरा

बाबा गरीबनाथ का 101 किलो लाई-तिलकुट से महाश्रृंगार:मकर संक्रांति पर मंदिर में भक्तों की भीड़, वर्षों से चली आ रही परंपरा

मुजफ्फरपुर में मकर संक्रांति पर बाबा गरीबनाथ का 101 किलो लाई और तिलकुट से महाश्रृंगार किया गया। पुजारी आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा और पंडित अभिषेक पाठक ने भोलेनाथ का षोडशोपचार पूजन के बाद महाश्रृंगार किया गया। इसके बाद धूप-दीप से आरती की गई। सनातन सेवार्थ के संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष मकर सक्रांति पर बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार किया जाता है। ताकि बिहारवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मिठास बना रहे। वर्षों से ये परंपरा चली आ रही है। सबसे पहले बाबा गरीबनाथ को भोग लगाया गया पंडित आशुतोष पाठक ने कहा कि किसी भी पर्व में सर्वप्रथम अपने देवता को भोग प्रसाद लगाने की परंपरा है। उसी तरह मकर संक्रांति से एक दिन पहले बुधवार को पहले बाबा गरीबनाथ को लाई-तिलकुट का भोग लगाया। उसके बाद आज गुरुवार को हम सब त्योहार मनाएंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में संत अमरनाथ, निरंजन झा, अंशु कुमार मिश्रा, मनीष सोनी, पवन महतो, राकेश तिवारी, रमण मिश्रा, रतन चौधरी समेत सैकड़ों भक्त मौजूद रहे। मुजफ्फरपुर में मकर संक्रांति पर बाबा गरीबनाथ का 101 किलो लाई और तिलकुट से महाश्रृंगार किया गया। पुजारी आशुतोष पाठक उर्फ डाबर बाबा और पंडित अभिषेक पाठक ने भोलेनाथ का षोडशोपचार पूजन के बाद महाश्रृंगार किया गया। इसके बाद धूप-दीप से आरती की गई। सनातन सेवार्थ के संयोजक प्रभात मालाकार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष मकर सक्रांति पर बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार किया जाता है। ताकि बिहारवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मिठास बना रहे। वर्षों से ये परंपरा चली आ रही है। सबसे पहले बाबा गरीबनाथ को भोग लगाया गया पंडित आशुतोष पाठक ने कहा कि किसी भी पर्व में सर्वप्रथम अपने देवता को भोग प्रसाद लगाने की परंपरा है। उसी तरह मकर संक्रांति से एक दिन पहले बुधवार को पहले बाबा गरीबनाथ को लाई-तिलकुट का भोग लगाया। उसके बाद आज गुरुवार को हम सब त्योहार मनाएंगे। इस दौरान मंदिर परिसर में संत अमरनाथ, निरंजन झा, अंशु कुमार मिश्रा, मनीष सोनी, पवन महतो, राकेश तिवारी, रमण मिश्रा, रतन चौधरी समेत सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।  

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