आजमगढ़ जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक बेहद संवेदनशील मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए एक पिता को अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म के दोषी करार दिया है।अदालत ने आरोपी को 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट के जज संतोष कुमार यादव ने दिया।मामले के अनुसार, पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी है, जिसके माता-पिता के बीच पहले ही संबंध विच्छेद हो चुका था। वह अपनी मां के साथ नानी के घर रहती थी, लेकिन पिता के घर कंधरापुर थाना क्षेत्र में भी आना-जाना होता रहता था।
2021 की घटना में आया फैसला
2 जून 2021 की रात पीड़िता अपने पिता के घर पर थी, जहां आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता के रोने-चिल्लाने पर उसकी सौतेली मां ने उसे ननिहाल के पास छोड़ दिया और चली गई। इसके बाद पीड़िता की नानी ने तहरीर दी, जिस पर कंधरापुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस जांच के बाद चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई।मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार मिश्रा और दौलत यादव ने कुल छह गवाहों की गवाही अदालत में पेश की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।


