योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इसी के तहत सीएम योगी प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन आ चुके हैं। जबकि प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 50 हजार लोन वितरित का लक्ष्य रखा है। वहीं योजना का लाभ शत प्रतिशत देने में पिछले कई माह से पूरे उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ दूसरे स्थान पर रहा। केंद्रीय मंत्री, गृह एवं सहकारिता अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा यूपी दिवस के अवसर पर सीएम युवा योजना का लाभ देने वाले प्रदेश मे दूसरे स्थान पाने पर जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही सरकार प्रदेश सरकार न केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। बल्कि उन्हे एक मजबूत उद्यमी बनने के लिए सक्षम बना रही है। इसी का असर है कि प्रदेश के युवा न केवल अपने व्यवसाय को बढ़ावा दे रहे हैं। बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 50 हजार लक्ष्य के सापेक्ष अब तक पूरे प्रदेश से 3,34,337 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि 2,81,277 आवेदनों को बैंक को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 1,06,772 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है, जबकि 1,03,353 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ देने में अप्रैल-25 से पहले जिला 25 वें स्थान पर था। वहीं अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवाओं को देने के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स और आवेदकों के आमने-सामने काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। जिलाधिकारी ने बताया कि 22 जनवरी तक योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 7,315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंक को भेजा गया। जिसमें से 3,262 को लोन वितरित किया जा चुका है।


