इटावा के उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में मरीजों को वैकल्पिक चिकित्सा सुविधा देने के लिए आयुष ओपीडी की शुरुआत कर दी गई है। विश्वविद्यालय के ओपीडी परिसर के कक्ष संख्या 23 में कुलपति डॉ. अजय सिंह ने आयुष ओपीडी का शुभारंभ किया। इस पहल के बाद अब यहां आने वाले मरीज आयुर्वेद और होम्योपैथी विशेषज्ञों से भी परामर्श ले सकेंगे। जिससे उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। इंटीग्रेटिव मेडिसिन को मिलेगा बढ़ावा कुलपति प्रो. डॉ. अजय सिंह ने बताया कि आयुष ओपीडी शुरू करने का उद्देश्य विश्वविद्यालय में समन्वित चिकित्सा यानी इंटीग्रेटिव मेडिसिन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे रोग होते हैं जिनके इलाज में आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां प्रभावी साबित होती हैं। इसलिए मरीजों को आधुनिक चिकित्सा के साथ इन पद्धतियों का विकल्प उपलब्ध कराना जरूरी है। आयुष से जुड़े शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में इंटीग्रेटिव मेडिसिन से जुड़े शोध कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुष पद्धतियों के समन्वय पर वैज्ञानिक अध्ययन किए जाएंगे, जिससे इलाज के बेहतर और प्रभावी तरीके विकसित किए जा सकें। इससे मरीजों को भविष्य में और अधिक लाभ मिलने की संभावना है। सप्ताह में छह दिन चलेगी आयुष ओपीडी आयुष ओपीडी के तहत सप्ताह में तीन दिन आयुर्वेद की ओपीडी संचालित होगी। डॉ. साधना यादव सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों को परामर्श देंगी। वहीं गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. प्रीति पाल होम्योपैथी ओपीडी में मरीजों का इलाज करेंगी। भविष्य में योग सेवाएं शुरू करने की योजना कुलपति ने बताया कि आने वाले समय में विश्वविद्यालय में योग से जुड़ी परामर्श सेवाएं भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इससे मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा और उन्हें शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए एकीकृत उपचार प्रणाली का फायदा मिलेगा।


