शेखपुरा में विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र बोस और सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली सदर अस्पताल परिसर से शुरू होकर बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंची। वहां से वापस सदर अस्पताल आकर कार्यक्रम का समापन हुआ। रैली में जीएनएम की छात्राओं और पारा मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि दी जाती
एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि टीबी का सही समय पर इलाज होने से व्यक्ति पूरी तरह ठीक हो सकता है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी रोग के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां मुफ्त दवा के साथ-साथ सरकार द्वारा भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि भी दी जाती है। बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए
डॉ. सिंह ने टीबी से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, घरों और कार्यस्थलों पर उचित वायु संचार सुनिश्चित करना, स्वस्थ आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। उन्होंने जोर दिया कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन किया जाए। 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुई
डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बीते वर्ष अप्रैल माह से अब तक 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुई है। वर्तमान में 200 से अधिक सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इस अवसर पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम, डीआईओ डॉ. संजय कुमार, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार, रौशन कुमार सहित जीएनएम, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। शेखपुरा में विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को सदर अस्पताल से जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र बोस और सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली सदर अस्पताल परिसर से शुरू होकर बाजार होते हुए पटेल चौक पहुंची। वहां से वापस सदर अस्पताल आकर कार्यक्रम का समापन हुआ। रैली में जीएनएम की छात्राओं और पारा मेडिकल छात्रों ने हिस्सा लिया। भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि दी जाती
एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि टीबी का सही समय पर इलाज होने से व्यक्ति पूरी तरह ठीक हो सकता है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी रोग के इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां मुफ्त दवा के साथ-साथ सरकार द्वारा भरण-पोषण के लिए हर महीने सहायता राशि भी दी जाती है। बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए
डॉ. सिंह ने टीबी से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना, घरों और कार्यस्थलों पर उचित वायु संचार सुनिश्चित करना, स्वस्थ आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। उन्होंने जोर दिया कि टीबी के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच कराएं। टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित सेवन किया जाए। 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुई
डॉ. अशोक कुमार सिंह ने जानकारी दी कि बीते वर्ष अप्रैल माह से अब तक 1365 से अधिक मरीजों में टीबी रोग की पुष्टि हुई है। वर्तमान में 200 से अधिक सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इस अवसर पर सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. नौशाद आलम, डीआईओ डॉ. संजय कुमार, अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार, रौशन कुमार सहित जीएनएम, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।


