पोस्टिंग की प्रतीक्षा: रांची में स्थानांतरित 166 शिक्षकों को छह महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिला स्कूल

पोस्टिंग की प्रतीक्षा: रांची में स्थानांतरित 166 शिक्षकों को छह महीने बीत जाने के बाद भी नहीं मिला स्कूल

प्राथमिक शिक्षक… 15 दिन में स्कूलों में पोस्टिंग करने का था निर्देश, शिक्षकों का लंबा हुआ इंतजार रांची में अंतर जिला तबादला के माध्यम से आए 166 सहायक शिक्षकों की छह माह बाद भी स्कूलों में पोस्टिंग नहीं हो सकी है। आज भी इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित होने का इंतजार है, जबकि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने स्थानांतरण के 15 दिनों के भीतर शिक्षकों को विद्यालय आवंटित कर पदस्थापित करने के लिए कहा था। रांची जिला इस आदेश के पालन में न सिर्फ पीछे है, बल्कि अब यह प्रशासनिक उदासीनता उदाहरण बन चुका है। विभिन्न जिलों से रांची जिले में स्थानांतरित शिक्षकों को पोस्टिंग में विलंब की वजह भी नहीं बताई गई है। बताते चलें कि राज्य के 24 जिलों में से 19 जिलों ने समय पर पदस्थापन कर दिया है। केवल पांच जिले रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और एक अन्य जिला ऐसा है, जहां आज भी स्थानांतरित शिक्षक बिना पदस्थापन के हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या रांची जिले की है। शिक्षकों का आरोप है कि डीएसई कार्यालय से संपर्क करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। लेकिन स्कूलों में पोस्टिंग नहीं की जाती है। स्थिति यथावत बनी हुई है। यह टालमटोल अब प्रशासनिक शैली बन चुकी है। शिक्षकों ने कहा कि इसमें जवाबदेही भी नहीं है और समय सीमा भी नहीं। शिक्षकों ने शीघ्र स्कूलों में पदस्थापन की मांग की है। स्थानांतरित होने के बाद स्कूलों में पोस्टिंग नहीं होना सिर्फ लापरवाही नहीं, शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक रूप से परेशान करना है। स्कूली शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर संबंधित जिलों को पदस्थापन का निर्देश दिया जाना चाहिए। तबादला के 6 माह बाद पदस्थापन नहीं होना समझ से परे है। – नसीम अहमद, मुख्य प्रवक्ता,शिक्षक संघ बीमारी, दिव्यांगता और पारिवारिक मजबूरी जैसे मानवीय आधार पर अंतर जिला तबादला किया गया था। शिक्षकों ने कहा कि नगर निकाय चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। आचार संहिता लागू होते ही पदस्थापन फिर तकनीकी कारणों से रोका जा सकता है। प्राथमिक शिक्षक… 15 दिन में स्कूलों में पोस्टिंग करने का था निर्देश, शिक्षकों का लंबा हुआ इंतजार रांची में अंतर जिला तबादला के माध्यम से आए 166 सहायक शिक्षकों की छह माह बाद भी स्कूलों में पोस्टिंग नहीं हो सकी है। आज भी इन शिक्षकों को स्कूल आवंटित होने का इंतजार है, जबकि प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने स्थानांतरण के 15 दिनों के भीतर शिक्षकों को विद्यालय आवंटित कर पदस्थापित करने के लिए कहा था। रांची जिला इस आदेश के पालन में न सिर्फ पीछे है, बल्कि अब यह प्रशासनिक उदासीनता उदाहरण बन चुका है। विभिन्न जिलों से रांची जिले में स्थानांतरित शिक्षकों को पोस्टिंग में विलंब की वजह भी नहीं बताई गई है। बताते चलें कि राज्य के 24 जिलों में से 19 जिलों ने समय पर पदस्थापन कर दिया है। केवल पांच जिले रांची, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और एक अन्य जिला ऐसा है, जहां आज भी स्थानांतरित शिक्षक बिना पदस्थापन के हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या रांची जिले की है। शिक्षकों का आरोप है कि डीएसई कार्यालय से संपर्क करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। लेकिन स्कूलों में पोस्टिंग नहीं की जाती है। स्थिति यथावत बनी हुई है। यह टालमटोल अब प्रशासनिक शैली बन चुकी है। शिक्षकों ने कहा कि इसमें जवाबदेही भी नहीं है और समय सीमा भी नहीं। शिक्षकों ने शीघ्र स्कूलों में पदस्थापन की मांग की है। स्थानांतरित होने के बाद स्कूलों में पोस्टिंग नहीं होना सिर्फ लापरवाही नहीं, शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक रूप से परेशान करना है। स्कूली शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर संबंधित जिलों को पदस्थापन का निर्देश दिया जाना चाहिए। तबादला के 6 माह बाद पदस्थापन नहीं होना समझ से परे है। – नसीम अहमद, मुख्य प्रवक्ता,शिक्षक संघ बीमारी, दिव्यांगता और पारिवारिक मजबूरी जैसे मानवीय आधार पर अंतर जिला तबादला किया गया था। शिक्षकों ने कहा कि नगर निकाय चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। आचार संहिता लागू होते ही पदस्थापन फिर तकनीकी कारणों से रोका जा सकता है।  

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