शेखपुरा में गुरुवार को एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने बरबीघा प्रखंड के जयरामपुर थाना में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस-पब्लिक जनसंवाद भी स्थापित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था। एसपी के नेतृत्व में जिले के सभी थानों में बारी-बारी से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले भी एक दर्जन से अधिक थानों में जनता दरबार लगाया जा चुका है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ाना और उनकी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर समाधान प्रस्तुत करना है। छोटी घटनाओं को गांव में आपसी समझौते से ही निपटाएं जनसंवाद कार्यक्रम में एसपी ने लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को गांव और टोला में आपसी समझौते से ही निपटा लेना चाहिए। एसपी ने बताया कि मामूली बातों पर भी लोग थाना और कोर्ट के चक्कर में 5-6 साल तक अपनी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षति पहुंचाते हैं। जनता दरबार में स्थानीय लोगों द्वारा कुल 6 शिकायतें दर्ज कराई गईं। एसपी ने इनमें से कुछ मामलों की जांच कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी थानाध्यक्ष पीयूष कुमार को सौंपी। एसपी ने इस अवसर पर लोगों को राज्य मुख्यालय के निर्देशों के बारे में जानकारी दी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करने के इस प्रयास के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को सुनने और समझने के लिए पुलिस के साथ दोस्ताना संबंध आवश्यक हैं। पुलिस-पब्लिक संवाद में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने नई सरकार के गठन के बाद राज्य मुख्यालय की इस नई पहल की सराहना की। इस मौके पर थानाध्यक्ष पीयूष कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। शेखपुरा में गुरुवार को एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने बरबीघा प्रखंड के जयरामपुर थाना में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस-पब्लिक जनसंवाद भी स्थापित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया गया था। एसपी के नेतृत्व में जिले के सभी थानों में बारी-बारी से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले भी एक दर्जन से अधिक थानों में जनता दरबार लगाया जा चुका है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ाना और उनकी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर समाधान प्रस्तुत करना है। छोटी घटनाओं को गांव में आपसी समझौते से ही निपटाएं जनसंवाद कार्यक्रम में एसपी ने लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं को गांव और टोला में आपसी समझौते से ही निपटा लेना चाहिए। एसपी ने बताया कि मामूली बातों पर भी लोग थाना और कोर्ट के चक्कर में 5-6 साल तक अपनी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षति पहुंचाते हैं। जनता दरबार में स्थानीय लोगों द्वारा कुल 6 शिकायतें दर्ज कराई गईं। एसपी ने इनमें से कुछ मामलों की जांच कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी थानाध्यक्ष पीयूष कुमार को सौंपी। एसपी ने इस अवसर पर लोगों को राज्य मुख्यालय के निर्देशों के बारे में जानकारी दी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करने के इस प्रयास के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को सुनने और समझने के लिए पुलिस के साथ दोस्ताना संबंध आवश्यक हैं। पुलिस-पब्लिक संवाद में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने नई सरकार के गठन के बाद राज्य मुख्यालय की इस नई पहल की सराहना की। इस मौके पर थानाध्यक्ष पीयूष कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे।


