बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलों में एलपीजी गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के नोडल पदाधिकारियों के साथ जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। इसके माध्यम से गैस की उपलब्धता, प्रतिदिन होने वाली बुकिंग, लंबित बुकिंग की संख्या और आपूर्ति की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर समय रहते उसका समाधान किया जा सके। वीसी में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा सहित सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर के उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन कराया जाए। यदि किसी क्षेत्र में गैस बुकिंग की संख्या में अचानक वृद्धि होती है, तो इसकी जांच कर देखा जाए कि कहीं जमाखोरी या किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति करने के लिए जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखने पर भी विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को सक्रिय करने का निर्देश भी दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को इसकी जानकारी मिल सके और वे अपनी समस्याएं या शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें। कंट्रोल रूम में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति तीन पालियों में करने का निर्देश दिया गया, ताकि चौबीसों घंटे शिकायतों का समाधान किया जा सके। प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन गैस एजेंसियों पर असामान्य रूप से भीड़ देखी जा रही हो, वहां आवश्यकता के अनुसार दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। साथ ही सभी गैस एजेंसियों को प्रतिदिन निर्धारित समय के अनुसार संचालित रखने और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इधर सोमवार को ही जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने कार्यालय कक्ष में एलपीजी जिला नोडल ऑफिसर के साथ गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षात्मक बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नोडल ऑफिसर अपने सभी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय स्थापित कर आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
अफवाहों पर न दें ध्यान बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन ने आम जनता के बीच फैल रहे अनावश्यक पैनिक को समाप्त करने पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इधर जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलों में एलपीजी गैस की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के नोडल पदाधिकारियों के साथ जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। इसके माध्यम से गैस की उपलब्धता, प्रतिदिन होने वाली बुकिंग, लंबित बुकिंग की संख्या और आपूर्ति की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर समय रहते उसका समाधान किया जा सके। वीसी में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा सहित सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। गैस की कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध होगी कार्रवाई मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर के उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन कराया जाए। यदि किसी क्षेत्र में गैस बुकिंग की संख्या में अचानक वृद्धि होती है, तो इसकी जांच कर देखा जाए कि कहीं जमाखोरी या किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति करने के लिए जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण रखने पर भी विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला स्तर पर कंट्रोल रूम को सक्रिय करने का निर्देश भी दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम नागरिकों को इसकी जानकारी मिल सके और वे अपनी समस्याएं या शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें। कंट्रोल रूम में कर्मियों की प्रतिनियुक्ति तीन पालियों में करने का निर्देश दिया गया, ताकि चौबीसों घंटे शिकायतों का समाधान किया जा सके। प्राप्त शिकायतों का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जिन गैस एजेंसियों पर असामान्य रूप से भीड़ देखी जा रही हो, वहां आवश्यकता के अनुसार दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाए, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। साथ ही सभी गैस एजेंसियों को प्रतिदिन निर्धारित समय के अनुसार संचालित रखने और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इधर सोमवार को ही जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने कार्यालय कक्ष में एलपीजी जिला नोडल ऑफिसर के साथ गैस आपूर्ति व्यवस्था को लेकर समीक्षात्मक बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नोडल ऑफिसर अपने सभी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ समन्वय स्थापित कर आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
अफवाहों पर न दें ध्यान बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन ने आम जनता के बीच फैल रहे अनावश्यक पैनिक को समाप्त करने पर भी बल दिया। जिलाधिकारी ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इधर जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें।


