न्याय की राह में भाषा और दिव्यांगता नहीं बनेगी बाधा:ब्रेल लिपि में मिलेगी कानूनी जानकारी; इंदौर कॉन्फ्रेंस में दिव्यांगों के लिए समावेशी न्याय का मॉडल
न्याय का दरवाजा हर नागरिक के लिए खुला है, लेकिन किसी ऐसे व्यक्ति के लिए क्या होगा, जो अपनी बात बोलकर नहीं कह सकता, सुनकर नहीं समझ सकता या आंखों से पढ़ नहीं सकता? क्या भाषा, शारीरिक अक्षमता या सामाजिक परिस्थितियां, उसके और न्याय के बीच दीवार बन सकती हैं? इंदौर में आयोजित वेस्ट जोन…

