औरंगाबाद के युवक की झारखंड में सड़क हादसे में मौत हो गई है। वे अपनी भांजी की शादी में गए थे। वहां से देर रात लौटते वक्त एक्सीडेंट हो गया। मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुशी गांव निवासी सुदामा पासवान के बेटे कमलेश कुमार (35) के रूप में की गई है। मृतक के बड़े भाई संतोष पासवान ने बताया कि कमलेश कुमार पेशे से मैकेनिक था और जसोईया स्थित एक बड़ी वाहन एजेंसी में काम करता था। शनिवार की शाम वह झारखंड के सिमरवार गांव स्थित अपने बहनोई डोमन पासवान के घर शादी में शामिल होने गया था। बाइक से वापस गांव लौट रहा था। रात 2 बजे के बाद घर से निकला। इसी दौरान हरिहरगंज के निर्माणाधीन बायपास रोड पर ओवरब्रिज के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद वह काफी देर तक सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा रहा। घटना पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र हरिहरगंज-अंबा बाइपास के पास एनएच-139 पर हुई। पुलिस के गश्ती दल ने पहुंचाया अस्पताल पुलिस की गश्ती वाहन की नजर घायल कमलेश पर पड़ी। जिसके बाद कमलेश को हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ कमलेश घर नहीं पहुंचा तो घरवाले चिंतित हो गए। परिजन ने फोन पर कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। काफी देर के बाद सुजीत पासवान नाम के एक व्यक्ति ने फोन कर परिजन को बताया कि कमलेश का एक्सीडेंट हो गया और हरिहरगंज अस्पताल में भर्ती है। परिजन पहुंचे और औरंगाबाद सदर अस्पताल ले गए।
हायर सेंटर ले जा रहे थे, रास्ते में गई जान सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी हालत नाजुक बताते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे ट्रामा सेंटर वाराणसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में डेहरी ऑन सोन के पास उसकी हालत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस भी अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना अध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को दे दिया गया है।
4 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया कमलेश कुमार 2 भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 4 छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें 7 वर्ष की एक बेटी, छह साल का एक बेटा और तीन साल के 2 जुड़वा बेटे शामिल हैं। औरंगाबाद के युवक की झारखंड में सड़क हादसे में मौत हो गई है। वे अपनी भांजी की शादी में गए थे। वहां से देर रात लौटते वक्त एक्सीडेंट हो गया। मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुशी गांव निवासी सुदामा पासवान के बेटे कमलेश कुमार (35) के रूप में की गई है। मृतक के बड़े भाई संतोष पासवान ने बताया कि कमलेश कुमार पेशे से मैकेनिक था और जसोईया स्थित एक बड़ी वाहन एजेंसी में काम करता था। शनिवार की शाम वह झारखंड के सिमरवार गांव स्थित अपने बहनोई डोमन पासवान के घर शादी में शामिल होने गया था। बाइक से वापस गांव लौट रहा था। रात 2 बजे के बाद घर से निकला। इसी दौरान हरिहरगंज के निर्माणाधीन बायपास रोड पर ओवरब्रिज के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद वह काफी देर तक सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा रहा। घटना पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र हरिहरगंज-अंबा बाइपास के पास एनएच-139 पर हुई। पुलिस के गश्ती दल ने पहुंचाया अस्पताल पुलिस की गश्ती वाहन की नजर घायल कमलेश पर पड़ी। जिसके बाद कमलेश को हरिहरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। दूसरी तरफ कमलेश घर नहीं पहुंचा तो घरवाले चिंतित हो गए। परिजन ने फोन पर कई बार कॉल किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। काफी देर के बाद सुजीत पासवान नाम के एक व्यक्ति ने फोन कर परिजन को बताया कि कमलेश का एक्सीडेंट हो गया और हरिहरगंज अस्पताल में भर्ती है। परिजन पहुंचे और औरंगाबाद सदर अस्पताल ले गए।
हायर सेंटर ले जा रहे थे, रास्ते में गई जान सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद उसकी हालत नाजुक बताते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे ट्रामा सेंटर वाराणसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में डेहरी ऑन सोन के पास उसकी हालत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे। सूचना मिलने पर नगर थाना की पुलिस भी अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना अध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को दे दिया गया है।
4 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया कमलेश कुमार 2 भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 4 छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनमें 7 वर्ष की एक बेटी, छह साल का एक बेटा और तीन साल के 2 जुड़वा बेटे शामिल हैं।


