कानपुर किडनी कांड में जेल भेजा गया शिवम दलाल और प्रयागराज के एजेंट नवीन का एक ऑडियो पुलिस की जांच में सामने आया है। किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान मरीज की मौत के बाद किस तरह से दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल से पूरे मामले को मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक की जांच के मुताबिक सरगना के रूप में सामने आया डॉ. रोहित का नाम लेते हुए दलाल बोल रहे कि रोहित सर ने कहा है कि साइलेंट हो जाओ…। किस तरह से मरीज की मौत के बाद दिल्ली के एक बड़े अस्पताल से बगैर किसी लिखापढ़ी के शव दे दिया गया और पूरा मामला दब गया। पढ़ें ऑडियो के आधार पर दैनिक भास्कर की रिपोर्ट…। ट्रांसप्लांट के दौरान अहूजा हॉस्पिटल में हुई थी महिला की मौत डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि कानपुर किडनी कांड में अब तक 9 अरेस्टिंग हो चुकी है। अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के खेल में कानपुर में अहम कड़ी शिवम अग्रवाल उर्फ शिवम काना व प्रयागराज के सिंडीकेट से जुड़े एजेंट नवीन पांडेय की बातचीत का ऑडियो सामने आया है। शिवम ने जेल में हुई पूछताछ के दौरान इस ऑडियो की तस्दीक की है। शिवम ने बताया कि नवंबर 2025 में इस महिला के किडनी ट्रांसप्लांट अहूजा हॉस्पिटल में हुआ था। ट्रांसप्लांट के दौरान महिला की हालत बिगड़ी तो उसे दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल लेकर टीम गई थी, लेकिन महिला की मौत हो गई थी। शिवम ने बताया कि उसका नाम-पिता फरार चल रहे डॉ. रोहित के पास है। इस ऑडियो को बतौर साक्ष्य जांच में शामिल किया गया है। किस महिला की मौत किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान हुई थी…? महिला का परिवार कहां है…? इस तरह के सभी सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस मृतक महिला के परिवार की तलाश में जुटी है। परिजनों से संपर्क होते ही मामले में तहरीर लेकर एक और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शिवम काना के मोबाइल से मिले ऑडियो के अनुसार, दोनों के बीच फरार चल रहे डॉ. रोहित नाम के एक व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश का भी जिक्र है, लेकिन उससे बात नहीं हो पाती। बातचीत में ‘साइलेंट’ रहने और मामले को दबाने जैसे संकेत भी मिलते हैं। शिवम कथित तौर पर कहता है कि मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन डिस्चार्ज कराने की बात कर रहे हैं। बातचीत में यह भी सामने आता है कि डॉक्टर से संपर्क कर बिना कागजी प्रक्रिया के मरीज को डिस्चार्ज कराने की बात कही गई। यह ऑडियो सामने आने के बाद जांच एजेंसियां अब प्रयागराज के एजेंट नवीन पांडेय की तलाश में जुटी हैं। जबकि डॉ. रोहित की तलाश में पुलिस की टीमें दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में डेरा डाले हुए हैं। अब आपको बताते हैं दोनों के बीच क्या बातचीत हुई
नवीन: बात हुई रोहित सर से? शिवम: रोहित सर को फोन किया, फोन उठाए फिर काट दिए। व्हाट्सएप कॉल किया तो वहां से नहीं उठाए।
नवीन: हमें लगता है कहीं… हमसे भी बोल रहे थे थोड़ा जल्दी में हैं। बस मैसेज बोल के और फिर बोले कि थोड़ा सा देख लो और अपना थोड़ा साइलेंट रहना। तो मैंने कहा, ठीक है। बस। शिवम: तो क्या करूँ? साइलेंट हो जाऊं?
नवीन: नहीं, हमसे बोल रहे थे। बोले देख लेना अपना बाकी जैसा भी हो देखते हैं। शिवम: अच्छा, जाना… नवीन भाई इसलिए बेहतर रहेगा कि मान लो कोई बात अगर वैसे सॉर्ट आउट हो के निपटेगी तो निपट जाएगी। पेशेंट बड़े प्यार से बात कर रहा है, अभी फोन किया था। सच में बोल रहा है कि मेरा पेशेंट यहाँ जो आप मैक्स में एडमिट कर दिए हो, एक्सपायर हो गया है, इसको डिस्चार्ज कर दो बस हो गया। नहीं तो हम भी फसेंगे तुम भी फसोगे।
नवीन: नहीं तो मैक्स में एडमिट हो गया था क्या? शिवम: हां, हो गया। और मैं बात कर लिया डॉक्टर से। नवीन क्या कह रहे हैं डॉक्टर?
शिवम: डॉक्टर से बात कर लिया, बोले कि हम डिस्चार्ज करा दे रहे हैं बिना कागज़ के ही। नवीन: अच्छा… हाँ-हाँ… नहीं तो मैक्स में जब एडमिट हुआ है तो उन्होंने क्या दिखाया है?
शिवम: जब पहुंचे ही हैं तो एक्सपायर हुआ है। नवीन: नहीं-नहीं, मतलब इमरजेंसी में एक्सपायर हुए हैं कि एडमिट होने के बाद ICU में एक्सपायर हुए हैं?
शिवम: पहले ही एक्सपायर हुआ है, लेकिन इमरजेंसी में लेकर गए हैं न वो लोग… हाँ… कुछ मैटर है। वो बोले डिस्चार्ज करना क्या है, लेके जाएँ मैं करा दे रहा हूं। नवीन: तो तुमने रोहित सर से बात की?
शिवम : रोहित सर से बात ही नहीं हो रही है। थोड़ा आपसे बात हो तो बोलो एक मिनट बात कर लें वो लोग व्हाट्सएप कॉल पे। नवीन: हमारे पास भी तो वही नंबर है यार, दूसरा नंबर ही नहीं है उनका। चलिए बात होगी तो देखेंगे, फिलहाल अभी तो हम नहीं जा रहे हैं, देखते हैं।
शिवम: चलो ठीक है।


