प्रदेश के स्कूलों में अब पौधरोपण कर भूल जाने की परंपरा खत्म होगी। शिक्षा विभाग ने मिशन हरियालो राजस्थान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगाए गए पौधों की जीवितता (सर्वाइवल रेट) सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब स्कूलों को हर 4 महीने में पौधों की जियो टैगिंग करनी होगी और उनकी ताजा तस्वीरें हरियालो ऐप पर अपलोड करनी होगी।
माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सीताराम जाट ने इस संबंध में सभी सम्भागीय संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पौधा मृत हो जाता है या सूख जाता है, तो उसकी जगह तुरंत नया पौधा लगाना अनिवार्य होगा।
आदेश की मुख्य बातें एक नज़र में
- लगाए गए सभी पौधों की हर चार महीने में जियो टैगिंग की जाएगी।
- पौधों की वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली फोटो हरियालो ऐप पर अपलोड करनी होगी।- जो पौधे मृत हो गए हैं, उनके स्थान पर अनिवार्य रूप से नए पौधे रोपे जाएंगे।
- संयुक्त निदेशकों को अपने क्षेत्राधिकार में इन निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करवानी होगी।
जवाबदेही होगी तय
ऐप पर जियो टैगिंग और फोटो अपलोडिंग के इस नए सिस्टम से कागजों में होने वाले पौधारोपण पर रोक लगेगी। मुख्यालय स्तर पर इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्कूल या क्षेत्र में पौधों के संरक्षण को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
राजेन्द्र प्रसाद गग्गड, डीईओ भीलवाड़ा


