Pete Hegseth Mastermind: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में जब अमेरिकी मिसाइलें सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही थीं, तब पूरी दुनिया एक ही नाम की चर्चा कर रही थी- पीट हेगसेथ (Pete Hegseth)। अमेरिका के वर्तमान रक्षा मंत्री हेगसेथ ही वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने वेनेजुएला पर इस घातक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का खाका तैयार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट भरोसेमंद और युद्ध कला के माहिर हेगसेथ ने इस ऑपरेशन को इतनी सूझबूझ और सटीकता से अंजाम दिया कि मादुरो शासन को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पीट हेगसेथ केवल कागजी रणनीतिकार नहीं हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना की इन्फेंट्री (Infantry) में एक अधिकारी के रूप में सेवाएं दी हैं। उनके पास इराक और अफगानिस्तान जैसे बेहद खतरनाक युद्ध क्षेत्रों में सीधे लड़ने का लंबा अनुभव है। उन्होंने अपनी वीरता के लिए कई सैन्य सम्मान भी प्राप्त किए हैं। यही कारण है कि वेनेजुएला के दुर्गम इलाकों और ‘नार्को-टेररिज्म’ के ठिकाने ध्वस्त करने के लिए उन्होंने किसी किताबी रणनीति के बजाय अपने युद्ध के जमीनी अनुभव का इस्तेमाल किया।
कलम और बंदूक का अनोखा मेल
हेगसेथ की शख्सियत के दो पहलू हैं। जहाँ एक तरफ वे युद्ध के मैदान में बंदूक थामे हुए नजर आते हैं, वहीं दूसरी तरफ वे एक प्रखर लेखक भी हैं। उन्होंने अब तक 5 किताबें लिखी हैं, जिनमें उन्होंने अमेरिकी सैन्य शक्ति, राजनीति और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की है। उनकी ये किताबें उनके कट्टर राष्ट्रवादी और आक्रामक रक्षा दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। उनका मानना है कि अमेरिका को अपने दुश्मनों को खत्म करने के लिए कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए, और यही तेवर आज काराकास की गलियों में मिसाइलों के रूप में दिखाई दे रहे हैं।
वेनेजुएला मिशन का ‘मास्टरप्लान’ बनाया
विशेषज्ञों के अनुसार, हेगसेथ ने ‘शॉक एंड ऑ’ (Shock and Awe) की तर्ज पर इस मिशन को डिजाइन किया। उनका उद्देश्य केवल बमबारी करना नहीं, बल्कि मादुरो शासन के संचार तंत्र (Communication) और कमांड सेंटर को पूरी तरह अपाहिज बनाना था। प्रिंसटन और हार्वर्ड जैसे संस्थानों से शिक्षित हेगसेथ ने अक्लमंदी और सैन्य बल का ऐसा संतुलन बनाया कि वेनेजुएला का डिफेंस सिस्टम (रूस और चीन द्वारा समर्थित) भी अमेरिकी स्ट्राइक को भांप नहीं सका।
हेगसेथ की नीति पर दुनिया ने क्या कहा ?
चीन और रूस: दोनों देशों ने हेगसेथ की रणनीति को “बेहद खतरनाक और आक्रामक” बताया है। रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि हेगसेथ अंतरराष्ट्रीय नियमों की परवाह किए बिना ‘एकतरफा’ फैसले ले रहे हैं।
ईरान: तेहरान ने इसे एक “सैन्य तानाशाही” का उदय बताया है और आशंका जताई है कि हेगसेथ का अगला निशाना मध्य पूर्व के देश हो सकते हैं।
अमेरिकी जनता: अमेरिका में उनके समर्थकों ने इस स्ट्राइक को ‘राष्ट्रीय गौरव’ की बहाली बताया है, जबकि आलोचक इसे एक नया युद्ध शुरू करने की शुरुआत बता रहे हैं।
आखिर अब आगे क्या होगा ?
मादुरो की हिरासत: ट्रंप के दावे के बाद अब हेगसेथ का अगला कदम वेनेजुएला में एक ‘अस्थाई शांति परिषद’ का गठन करना हो सकता है।
सैनिक तैनाती: पेंटागन अब काराकास के मुख्य हवाई अड्डों और तेल क्षेत्रों पर अमेरिकी सैनिकों की जमीनी तैनाती (Ground Boots) पर विचार कर रहा है, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।
सुरक्षा परिषद में जवाब: हेगसेथ को जल्द ही इस सैन्य कार्रवाई के कानूनी आधार को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जवाब देना होगा।
तेल और अर्थव्यवस्था पर असर
इस हमले का एक बड़ा एंगल ‘ऊर्जा बाज़ार’ है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों में से एक है। हेगसेथ की इस स्ट्राइक के बाद वैश्विक कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 15% से 20% का उछाल देखा जा रहा है। यदि अमेरिकी सेना तेल क्षेत्रों पर कब्जा कर लेती है, तो यह आने वाले दशक के लिए वैश्विक तेल राजनीति का चेहरा बदल देगा। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर निर्भर रहे हैं, उनके लिए यह सप्लाई चेन का बड़ा संकट बन सकता है।



This is a monumental moment in American history. 