गयाजी में वांटेड को पकड़ने पहुंची STF टीम पर हमला:3 जवान घायल, 2 का सिर फटा; ग्रामीणों ने सर्विस पिस्टल छीनी, आधी रात तक गांव में सर्च ऑपरेशन

गयाजी में वांटेड को पकड़ने पहुंची STF टीम पर हमला:3 जवान घायल, 2 का सिर फटा; ग्रामीणों ने सर्विस पिस्टल छीनी, आधी रात तक गांव में सर्च ऑपरेशन

गयाजी में वांटेड अपराधी को पकड़ने गई एसटीएफ टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। दो जवानों से उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली गई। इस हमले में तीन जवान घायल हो गए। बाद में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों लूटी गई पिस्टल खेत से लावारिस हालत में बरामद कर ली। घायलों में मणि कांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित शामिल हैं। नीरज पंडित की आंख में, जबकि दो जवानों के सिर में गहरी चोट है। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। है। घटना रविवार देर रात मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां स्थित भुइं टोली की है। पुलिस ने इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया। सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। कई घरों से घरेलू सामान भी जब्त किए गए हैं। घटना के बाद भुइं टोली से अधिकांश पुरुष और युवक फरार हो गए। गांव में सिर्फ महिलाएं ही बची हैं और कई घरों में ताले लटके मिले। वांटेड को पकड़ने पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वांटेड अपराधी मनोज मांझी को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि मनोज मांझी शराब पीने के लिए आया हुआ है। इसी सूचना पर एसटीएफ के जवान सादे लिबास में बड़ी संख्या में गांव पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, गांव वालों को शक हो गया कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। इसी गलतफहमी में भीड़ उग्र हो गई और जवानों पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से जवानों की जमकर पिटाई की। इसी दौरान दो जवानों की सर्विस पिस्टल छीन ली गई। बताया जा रहा है कि जवानों ने खुद को बचाने के लिए पिस्टल दिखाकर भीड़ को डराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति उलटी पड़ गई और भीड़ और उग्र हो गई। आधी रात तक गांव में चला सर्च अभियान हमले के बाद एसटीएफ के जवान किसी तरह जान बचाकर मौके से निकले और वरीय अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। मौके पर एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान सड़क किनारे खेत से दोनों लूटी गई पिस्टल बरामद कर ली गई। हालांकि, हमला करने वाले मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। आधी रात के बाद तक गांव में सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन आरोपी फरार रहे। पुलिस अब पहचान कर हमलावरों पर हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और हथियार लूटने जैसे गंभीर धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है। फोटो-वीडियो बनाने से रोका इस मामले में पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन एसएसपी और सिटी एसपी दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, घटनास्थल पर पहुंचे भास्कर के रिपोर्टर को फोटो और वीडियो बनाने से रोक दिया गया। अस्पताल में भी कवरेज के दौरान रिपोर्टर को अंदर जाने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे को गोली मारी थी बता दें, जिस मनोज मांझी को पकड़ने के लिए एसटीएफ गई थी, वह 11 नवंबर 2024 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुए हत्या कांड का आरोपी है। पेट्रोल भरवाने को लेकर हुए विवाद के बाद पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 12 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें से 10 को जेल भेजा जा चुका था। तीन आरोपी फरार थे। हाल ही में एसटीएफ ने पटना से चोंचा और पलटन सिंह को गिरफ्तार किया था। तीसरे फरार आरोपी मनोज मांझी की तलाश जारी थी। इसी मनोज मांझी की लोकेशन मिलने पर एसटीएफ टीम भुइं टोली पहुंची थी। लेकिन कार्रवाई के दौरान पूरी टीम ही हमले का शिकार हो गई। अब पुलिस मनोज मांझी के साथ-साथ एसटीएफ पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। गयाजी में वांटेड अपराधी को पकड़ने गई एसटीएफ टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। दो जवानों से उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली गई। इस हमले में तीन जवान घायल हो गए। बाद में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों लूटी गई पिस्टल खेत से लावारिस हालत में बरामद कर ली। घायलों में मणि कांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित शामिल हैं। नीरज पंडित की आंख में, जबकि दो जवानों के सिर में गहरी चोट है। मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। है। घटना रविवार देर रात मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां स्थित भुइं टोली की है। पुलिस ने इलाके को घेरकर बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया। सात लोगों को हिरासत में लिया गया है। कई घरों से घरेलू सामान भी जब्त किए गए हैं। घटना के बाद भुइं टोली से अधिकांश पुरुष और युवक फरार हो गए। गांव में सिर्फ महिलाएं ही बची हैं और कई घरों में ताले लटके मिले। वांटेड को पकड़ने पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वांटेड अपराधी मनोज मांझी को पकड़ने पहुंची थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि मनोज मांझी शराब पीने के लिए आया हुआ है। इसी सूचना पर एसटीएफ के जवान सादे लिबास में बड़ी संख्या में गांव पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, गांव वालों को शक हो गया कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। इसी गलतफहमी में भीड़ उग्र हो गई और जवानों पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से जवानों की जमकर पिटाई की। इसी दौरान दो जवानों की सर्विस पिस्टल छीन ली गई। बताया जा रहा है कि जवानों ने खुद को बचाने के लिए पिस्टल दिखाकर भीड़ को डराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति उलटी पड़ गई और भीड़ और उग्र हो गई। आधी रात तक गांव में चला सर्च अभियान हमले के बाद एसटीएफ के जवान किसी तरह जान बचाकर मौके से निकले और वरीय अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। मौके पर एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुंची। पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान सड़क किनारे खेत से दोनों लूटी गई पिस्टल बरामद कर ली गई। हालांकि, हमला करने वाले मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगे। आधी रात के बाद तक गांव में सर्च ऑपरेशन चलता रहा, लेकिन आरोपी फरार रहे। पुलिस अब पहचान कर हमलावरों पर हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और हथियार लूटने जैसे गंभीर धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है। फोटो-वीडियो बनाने से रोका इस मामले में पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन एसएसपी और सिटी एसपी दोनों ने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, घटनास्थल पर पहुंचे भास्कर के रिपोर्टर को फोटो और वीडियो बनाने से रोक दिया गया। अस्पताल में भी कवरेज के दौरान रिपोर्टर को अंदर जाने से मना कर दिया गया। पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे को गोली मारी थी बता दें, जिस मनोज मांझी को पकड़ने के लिए एसटीएफ गई थी, वह 11 नवंबर 2024 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर हुए हत्या कांड का आरोपी है। पेट्रोल भरवाने को लेकर हुए विवाद के बाद पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 12 आरोपियों को नामजद किया गया था। इनमें से 10 को जेल भेजा जा चुका था। तीन आरोपी फरार थे। हाल ही में एसटीएफ ने पटना से चोंचा और पलटन सिंह को गिरफ्तार किया था। तीसरे फरार आरोपी मनोज मांझी की तलाश जारी थी। इसी मनोज मांझी की लोकेशन मिलने पर एसटीएफ टीम भुइं टोली पहुंची थी। लेकिन कार्रवाई के दौरान पूरी टीम ही हमले का शिकार हो गई। अब पुलिस मनोज मांझी के साथ-साथ एसटीएफ पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।  

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