Tel Aviv Attack: मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी, इजराइली और ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल के तेल अवीव पर कलस्टर बमों और रॉकेटों से बड़ा हमला हुआ है। इसके जवाब में इजराइल ने न सिर्फ ईरानी ड्रोन्स को मार गिराया है, बल्कि हिजबुल्लाह के कई लड़ाकों को ढेर करने का दावा भी किया है। ग्रेटर तेल अवीव (Tel Aviv Attack) में सेना तैनात की गई है। गुस्साए ईरान ने ड्रोन मिसाइलों (Drone Missiles) की 61 वीं खेप दाग दी है सबसे बड़ी चिंता ईरान के परमाणु संयंत्र पर हुए कथित हमले और कतर स्थित अमेरिकी ‘अल उदैद एयर बेस’ की बढ़ती हलचल को लेकर है।
तेल अवीव में तबाही, दागे गए कलस्टर बम और रॉकेट
इजराइली और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, इजराइल पर एक साथ कई दिशाओं से रॉकेट दागे गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान तेल अवीव में बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस हमले में कलस्टर बमों (Cluster Bombs) का इस्तेमाल किया गया है, जिससे तेल अवीव के कई इलाकों में भारी तबाही मची है। इजराइल के आयरन डोम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम लगातार इन हमलों को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
इजराइल का पलटवार: ईरानी ड्रोन खाक, हिजबुल्लाह को नुकसान
इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपनी सीमा की ओर बढ़ रहे कई ईरानी ड्रोन्स (Iranian Drones) को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। इसके साथ ही इजराइल ने लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह (Hezbollah) के ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इजराइली सेना का दावा है कि इस सटीक हमले में हिजबुल्लाह के कई अहम लड़ाके मारे गए हैं।
ईरान के परमाणु पावर प्लांट पर हमले की खबर
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट ईरान के परमाणु पावर प्लांट को लेकर आई है। कुछ रिपोर्ट्स में अंदेशा जताया गया है कि ईरान के एक प्रमुख परमाणु संयंत्र (Nuclear Power Plant) को भी निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस हमले के नुकसान की कोई विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस खबर ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है।
अल उदैद एयर बेस और अमेरिका का रुख
लगातार बिगड़ते हालात के बीच कतर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘अल उदैद एयर बेस’ (Al Udeid Air Base) पर खासी हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, पेंटागन (Pentagon) इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है। इजराइल पर हुए इतने बड़े हमले और ईरान के परमाणु प्लांट की खबरों के बाद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


