बक्सर में विश्वामित्र सेना मंच से बाहरी नेताओं पर हमला:राजकुमार चौबे बोले- ऐसे नहीं होगा विकास, धार्मिक पर्यटन की मांग, स्थानीय चेहरे को मौका देने की अपील

बक्सर में विश्वामित्र सेना मंच से बाहरी नेताओं पर हमला:राजकुमार चौबे बोले- ऐसे नहीं होगा विकास, धार्मिक पर्यटन की मांग, स्थानीय चेहरे को मौका देने की अपील

बक्सर में आयोजित विश्वामित्र सेना के होली मिलन समारोह में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने बाहरी प्रतिनिधियों को जिले के समुचित विकास में बाधक बताया और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग दोहराई। चौबे ने कहा कि जब तक बक्सर की जनता बाहरी प्रतिनिधियों को चुनना बंद नहीं करेगी, तब तक जिले का विकास संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी नेता बक्सर की समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से नहीं समझते। उनका कहना था कि ऐसे नेता केवल चुनाव के समय वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद क्षेत्र को उसी हाल में छोड़ देते हैं। बक्सर को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शुरू से ही बक्सर में बाहरी प्रत्याशियों का विरोध करते रहे हैं और आगे भी यह आवाज उठाते रहेंगे। उनका मानना है कि बक्सर का नेतृत्व वही व्यक्ति करे, जो यहां की मिट्टी से जुड़ा हो और जिले के विकास के प्रति जवाबदेह हो। अपने संबोधन में राजकुमार चौबे ने बक्सर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग दोहराई। उन्होंने वामन भगवान के मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से बाहर निकालने, विश्वामित्र कॉरिडोर के निर्माण और जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग को फिर उठाया। चौबे ने दावा किया कि जब से विश्वामित्र सेना ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शुरू किया है, तब से बिहार सरकार भी बक्सर के धार्मिक स्थलों पर ध्यान देने लगी है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाना है। समारोह में मौजूद लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया। बक्सर में आयोजित विश्वामित्र सेना के होली मिलन समारोह में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चौबे ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने बाहरी प्रतिनिधियों को जिले के समुचित विकास में बाधक बताया और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग दोहराई। चौबे ने कहा कि जब तक बक्सर की जनता बाहरी प्रतिनिधियों को चुनना बंद नहीं करेगी, तब तक जिले का विकास संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी नेता बक्सर की समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से नहीं समझते। उनका कहना था कि ऐसे नेता केवल चुनाव के समय वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद क्षेत्र को उसी हाल में छोड़ देते हैं। बक्सर को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शुरू से ही बक्सर में बाहरी प्रत्याशियों का विरोध करते रहे हैं और आगे भी यह आवाज उठाते रहेंगे। उनका मानना है कि बक्सर का नेतृत्व वही व्यक्ति करे, जो यहां की मिट्टी से जुड़ा हो और जिले के विकास के प्रति जवाबदेह हो। अपने संबोधन में राजकुमार चौबे ने बक्सर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग दोहराई। उन्होंने वामन भगवान के मंदिर को केंद्रीय कारा परिसर से बाहर निकालने, विश्वामित्र कॉरिडोर के निर्माण और जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग को फिर उठाया। चौबे ने दावा किया कि जब से विश्वामित्र सेना ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना शुरू किया है, तब से बिहार सरकार भी बक्सर के धार्मिक स्थलों पर ध्यान देने लगी है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि बक्सर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान दिलाना है। समारोह में मौजूद लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *